भिक्षावृत्ति छोड़ मुख्य धारा से जुड़ेंगे बच्चे, समाज सेवा विकास संस्था ने मदारी टोला में बांटी शिक्षण सामग्री, बच्चों को स्कूल भेजने अभिभावकों को किया प्रेरित
कटनी। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने और वंचित वर्ग के बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से समाज सेवा विकास संस्था द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। शनिवार की दोपहर संस्था की टीम कटनी जिले की बड़वारा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले मदारी टोला पहुंची। यहाँ टीम के सदस्यों ने न केवल बच्चों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि उनके अभिभावकों को भी शिक्षा का महत्व समझाते हुए बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा सामग्री पाकर खिले बच्चों के चेहरे
मदारी टोला में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से जरूरतमंद बच्चों को पेन, कॉपी, पेंसिल और अन्य आवश्यक शिक्षण सामग्री का वितरण किया गया। नई अध्ययन सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। संस्था का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों को भिक्षावृत्ति के दलदल से निकालकर शिक्षा के उजाले की ओर ले जाना और उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मानजनक स्थान दिलाना है।
इस मुहिम का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी राजाराम पटेल ने बताया कि उनकी टीम ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार जमीन पर काम कर रही है। इसी कड़ी में मदारी टोला में यह विशेष अभियान चलाया गया।
उन्होंने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा मदारी टोला में आज भी अधिकांश परिवार भिक्षावृत्ति पर आश्रित हैं। इस वजह से कई योग्य और प्रतिभावान बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। हमारा दृढ़ विश्वास है कि केवल शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जो इन परिवारों की तकदीर बदल सकती है और इन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ सकती है। इसी सोच के साथ आज हमने परिजनों से सीधा संवाद कर उन्हें अपने बच्चों के भविष्य के लिए जागरूक किया है।
लगातार जारी रहेगा जागरूकता अभियान
संस्था के सदस्यों ने बताया कि मदारी टोला के अभिभावकों ने भी टीम की बातों को ध्यान से सुना और अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने का संकल्प लिया है। समाज सेवा विकास संस्था ने यह स्पष्ट किया है कि शिक्षा के प्रति जागरूकता का यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि आने वाले समय में भी बड़वारा क्षेत्र के अन्य पिछड़े टोलों और गांवों में इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।








