10 दिन में नहीं हटाया गया कब्जा तो एसडीएम कार्यालय में होगी तालाबंदी, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने सांकेतिक चक्का जाम कर दिया अल्टीमेटम
कटनी। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के तत्वावधान में आज 8 सितम्बर को सुबह 11 बजे ग्राम अमाडी मे चक्काजाम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग करते हुए कहा की आम रास्ते में लगाए गए लोहे के गेट को हटाने, रास्ता अवरूद्ध करने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने, मनु नारला, रमा नारला, कान्हा नारला एवं मृणाली राव द्वारा अमाडी एवं बनहरा तहसील बडवारा पटवारी हल्का नंबर 14 एवं ग्राम बनहरा पटवारी हल्का नंबर 13 की करीब 20 एकड़ शासकीय भूमि, कोटवारी भूमि, छोटे झाड़ के जंगल सहित करोड़ों रुपए की भूमि पर उपरोक्त लोगों के द्वारा कब्जा कर शासन को क्षति पहुंचाई जा रही है। खसरा नंबर 446, 442 443, 445, 449, 438 कोटवारी भूमि 629 शंकर दाहिया वगैरह की भूमि 382 एवं उपरोक्त का निवास जिसे भूत बग्ला कहते हैं, इसमें लगभग 3 एकड़ भूमि कब्जे में की हुई है। खसरा नंबर 384 आम रास्ता ढर्रा एवं सिंचाई विभाग की सड़क जो नहर के किनारे खसरा नंबर 447, 446 निस्तार तालाब शासकीय जानवरों के पीने के पानी को कब्जे में लेकर कब्जा किया गया है, जिससे पालतू एवं जंगली जानवर पानी पीने से बन्चित रहते हैं। जिसे तत्काल हटाया जाए। साथ ही उक्त भूमियों की नाप राजस्व विभाग की विशेष टीम गठित कर कराई जाये। उपरोक्त लोगों का दबाव, प्रभाव और प्रलोभन में न आ कर निष्पक्ष रूप से उपरोक्त भूमियों को कब्जा मुक्त कराया जाए। उक्त मांग को लेकर आज प्रदर्शन किया गया। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विंदेश्वरी पटेल के नेतृत्व में तहसीलदार बडवारा श्रषी गौतम थाना प्रभारी के.के. पटेल, आरआई राजू कोल, पटवारी गौस्मिन बानो ने मौके में मनु नारला का सार्वजनिक रास्ते में अवैध कब्जा पाया। लगाए गए गेट को खुलवाया साथ ही तोड़ने के लिए नोटिस जारी करने को आस्वस्त किया। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने प्रदर्शन कर सांकेतिक चक्का जाम जाम कर आज का आन्दोलन स्थगित किया। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विंदेश्वरी पटेल ने कहां की 10 दिन के अन्दर गेट तोडने सहित कब्जा की गई अन्य उपरोक्त भूमयो से कब्जा हटाने की कार्यवाही नहीं की जाती तो 27 सितंबर को अनुविभागीय अधिकारी कटनी के कार्यालय में ताला बन्दी की जायेगी। आन्दोलन में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। जिसमें श्रवण सोनी, सानूराय, बाल्मीकि विश्वकर्मा, इन्द्र जीत निषाद, छोटेलाल सिमौन्हा, बेनी पटेल, रामदास केवट, लोचा महराज, विपिन राय सहित सैकडो आन्दोलन कारी सामिल रहे।








