रीठी के उजियारपुर और बखलेहटा के बीच बरसात में बह गई पुलिया, बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की ज़िंदगी संकटग्रस्त

रीठी के उजियारपुर और बखलेहटा के बीच बरसात में बह गई पुलिया, बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की ज़िंदगी संकटग्रस्त

कटनी। रीठी जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत केना में आने वाले उजियारपुर और बखलेहटा गांवों को जोड़ने वाली लाखों रुपए खर्च कर बनवाई गई पुलिया अब पूरी तरह बह चुकी है। यह पुलिया बीते दो वर्षों से जर्जर हालत में थी, लेकिन पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक बार-बार शिकायतों और जनसुनवाइयों के बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
अब बारिश के साथ ही यह पुलिया पूरी तरह से बह चुकी है और गांव के सैकड़ों लोग, खासकर स्कूली छात्र-छात्राएं रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। कई बच्चे बिजली के खंभों का सहारा लेकर बहते पानी को पार करते हैं, जबकि कुछ बच्चों ने अब स्कूल जाना ही छोड़ दिया है।
छात्रों को रोजाना 5 किलोमीटर का चक्कर!
पहले जो दूरी आधा किलोमीटर थी, अब उसे पार करने के लिए छात्रों को 5 किलोमीटर का जोखिम भरा और लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। यह स्थिति केवल शारीरिक थकान नहीं, बल्कि शिक्षा से दूरी और जीवन को खतरे में डालने जैसा है।
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है?
जनसुनवाई में शिकायत दर्ज होने के बावजूद, प्रशासनिक अमला अभी तक मौके पर नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का सवाल है क्या किसी गंभीर हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा?
ग्रामीणों की मांग
यहां पर उत्पन्न पीड़ादायक समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि तत्काल यहां पर स्थायी पुलिया का निर्माण कराया जाए। बच्चों के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था की जाए। जनसुनवाई की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। लोगों ने कहा की यह सिर्फ सीमेंट और कंक्रीट की मांग नहीं, ये बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा का सवाल है।

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Author: RashtraRakshak

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