गांव-गांव पहुंच रही ढीमरखेड़ा पुलिस, चौपालों के जरिए लोगों को कर रही जागरूक, साइबर अपराध से लेकर महिला सुरक्षा तक दे रही अहम जानकारी
कटनी। जनमानस के बीच पुलिस की मौजूदगी और उन्हें सुरक्षा का आभास कराते हुए ढीमरखेड़ा पुलिस इन दिनों गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करने में जुटी हुई है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के नेतृत्व एवं डा. संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में ढीमरखेड़ा पुलिस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आकांक्षा चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में आयोजित ग्राम चौपालों के माध्यम से पुलिस ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें कानून, सुरक्षा और अपराधों से बचाव की जानकारी दे रही है।
थाना प्रभारी अभिषेक चौबे एवं पुलिस स्टाफ द्वारा ग्राम पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अब तक कोठी, इटौली, बांध, ढीमरखेड़ा, सनकुई, मुरवारी, सिलाई, देवरी मारवाड़ी, पौड़ीखुर्द, सिमरिया, खमतरा और गूड़ा गांवों में चौपाल आयोजित की जा चुकी हैं। अभियान के दौरान ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने, ओटीपी साझा न करने तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी गई। वहीं महिला एवं बाल सुरक्षा, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट और हेल्पलाइन 1090 व 1098 के बारे में भी जागरूक किया गया।
पुलिस ने ग्रामीणों को नशामुक्ति अभियान के तहत अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। साथ ही यातायात नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग तथा नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने की समझाइश भी दी गई। चौपालों में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहने और अपुष्ट खबरें साझा न करने की अपील करते हुए “डायल 112” सेवा की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों से “पुलिस मित्र” बनकर सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने का आह्वान किया। ढीमरखेड़ा पुलिस का कहना है कि पुलिस और जनता के सहयोग से ही सुरक्षित एवं अपराध मुक्त समाज की स्थापना संभव है तथा यह जन-जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।








