शहीदों की धरोहर पर चला बुलडोजर, भारत-चीन युद्ध के शहीदों की स्मृति में बना ‘शहीद द्वार’ ढहाया गया, ट्रक की टक्कर से हुआ था क्षतिग्रस्त

Oplus_16908288

शहीदों की धरोहर पर चला बुलडोजर, भारत-चीन युद्ध के शहीदों की स्मृति में बना ‘शहीद द्वार’ ढहाया गया, ट्रक की टक्कर से हुआ था क्षतिग्रस्त

कटनी। नगर की ऐतिहासिक धरोहर और नई बस्ती क्षेत्र की पहचान माना जाने वाला ‘शहीद द्वार’ अब इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा आज जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षतिग्रस्त हो चुके शहीद द्वार को तोड़ने की कार्रवाई की गई। विगत 63 वर्षों से सीना ताने खड़े इस गौरवमयी प्रवेश द्वार को बुलडोजर चलाकर आज जमींदोज कर दिया गया।
1962 के युद्ध के वीरों की स्मृति में हुआ था निर्माण
गौरतलब है कि सन 1962 में भारत और चीन के बीच हुए ऐतिहासिक युद्ध में देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों की स्मृति में इस द्वार का निर्माण कराया गया था। सन 1963 में नई बस्ती के प्रतिष्ठित निवासियों ने बड़े उत्साह के साथ जन-सहयोग से इस ‘शहीद द्वार’ को स्थापित किया था। बीते छह दशकों से यह द्वार न केवल नई बस्ती बल्कि पूरे कटनी नगर की शान और एक प्रमुख पहचान बना हुआ था।
रेत के वाहन ने मारी थी टक्कर? उठ रहे सवाल
सोशल मीडिया और स्थानीय गलियारों में इस बात की भी पुरजोर चर्चा है कि बीती रात किसी अनियंत्रित रेत के वाहन (डंपर/ट्रक) ने इस द्वार को टक्कर मार दी थी, जिससे यह क्षतिग्रस्त हो गया था।
क्षेत्रीय नागरिकों की मांग है कि यदि वाहन की टक्कर से यह हादसा हुआ, तो प्रशासन तत्काल क्षेत्र के CCTV कैमरे खंगाले, दोषी वाहन चालक की पहचान कर उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई (मामला दर्ज) की जाए। शहीदों के इस अपमान की भरपाई के लिए प्रशासन इसी स्थान पर ‘शहीद द्वार’ का तत्काल पुनर्निर्माण कराए।

RashtraRakshak
Author: RashtraRakshak

Recent Post