जबलपुर-अमृतसर अटारी एक्सप्रेस की बहाली की मांग, जीएम से मिले केशव कमल मोहनानी
कटनी। क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्य केशव कमल मोहनानी ने पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह से मुलाकात कर जबलपुर से अमृतसर के बीच पूर्व में संचालित जबलपुर-अमृतसर अटारी एक्सप्रेस का पुनः संचालन शुरू किए जाने की मांग की।
कमल ने जीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि कोरोना काल से पूर्व जबलपुर से अमृतसर के लिए अटारी एक्सप्रेस का संचालन किया जाता था, लेकिन कोविड काल के बाद इस ट्रेन को बंद कर दिया गया। इसके चलते जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा सहित आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जबलपुर, कटनी, सतना और रीवा से अमृतसर के लिए कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। अटारी एक्सप्रेस के पुनः संचालन से जबलपुर, कटनी, सागर, दमोह, बीना, शहडोल, कोतमा, बिजुरी, रीवा, सतना सहित अनेक क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि अमृतसर न केवल एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, बल्कि सिख धर्म का प्रमुख आस्था स्थल भी है। इसके अलावा यहां स्थित स्वर्ण मंदिर, ऐतिहासिक स्थल तथा राधा स्वामी डेरा ब्यास के दर्शन के लिए प्रतिवर्ष हजारों-लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में ट्रेन के पुनः संचालन से श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस पर महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने विषय पर सकारात्मक पहल का आश्वासन देते हुए कहा कि इस संबंध में सार्थक प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान कमल ने रेलवे आरक्षण केंद्रों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए @मित्र डिजिटल टोकन प्रणाली’ को पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में लागू करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई स्थानों पर तत्काल टिकट के लिए मैन्युअल टोकन व्यवस्था लागू है, जिससे पारदर्शिता को लेकर यात्रियों में संदेह बना रहता है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे द्वारा विभिन्न जोनों में लागू की गई डिजिटल टोकन प्रणाली के तहत “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर यात्रियों को ऑनलाइन टोकन जारी किए जाते हैं, जिससे दलालों और बिचौलियों पर रोक लगने के साथ ही आम यात्रियों को तत्काल टिकट प्राप्त करने में सुविधा मिलती है। महाप्रबंधक ने इस सुझाव पर भी सहमति जताते हुए कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में शीघ्र ही ‘@मित्र डिजिटल टोकन प्रणाली’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।








