जेल केवल सज़ा का स्थान नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मसुधार की भूमि है, बंदियों को नशे से दूर रहने एसपी श्री विश्वकर्मा ने किया जागरूक, दिलाई शपथ

कटनी। आज जिला जेल परिसर कटनी में नशा मुक्ति जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा ने कैदियों एवं जेल प्रशासन को संबोधित करते हुए नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। श्री विश्वकर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा की सभी बंदीगण जीवन के जिस पड़ाव पर हैं, वहां से वापसी कठिन ज़रूर है, लेकिन असंभव नहीं। यदि आज आप ठान लें कि अब नशे से पूरी तरह दूरी बनाकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में मोड़ना है, तो यही संकल्प आपका भविष्य बदल सकता है। जेल केवल सज़ा का स्थान नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मसुधार की भूमि है।” उन्होंने यह भी कहा कि बंदीगण यदि अब दृढ़ संकल्प लें और नशे से हमेशा के लिए दूरी बना लें, तो वे समाज में वापस जाकर एक सकारात्मक और रचनात्मक जीवन जी सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी बंदियों को नशामुक्त जीवन की शपथ दिलाई गई और उन्हें नशे के दुष्परिणामों एवं इसके सामाजिक प्रभावों से अवगत कराया गया।
नशा मुक्ति कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ संतोष डेहरिया, जेल अधीक्षक प्रभात कुमार चतुर्वेदी, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमति नेहा पच्चीसिया, रक्षित निरीक्षक संध्या राजपूत, चौकी प्रभारी झिंझरी प्रियंका राजपूत, पुलिस एवं जेल प्रशासन के अधिकारीगण, अन्य कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे।

यह कार्यक्रम कटनी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान का एक सशक्त पड़ाव रहा, जिसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को नशे के विरुद्ध जागरूक कर एक स्वस्थ, सुरक्षित और अपराधमुक्त भविष्य की ओर अग्रसर करना है।

RashtraRakshak
Author: RashtraRakshak

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *