रसोईयों द्वारा शिक्षकों की गयी शिकायत निराधार साबित हुई, रसोईयों को शाला से पृथक करने बनी सहमति
कटनी। गत दिवस उपनगरीय क्षेत्र स्थित शासकीय माध्यमिक शाला न्यू कटनी जंक्सन में कार्यरत रसोईया द्वय श्रीमती नीलम श्रीवास और लक्ष्मी रजक द्वारा शालेय शिक्षकों और प्रधान अध्यापक श्रीमती कविता जैन की, की गयी शिकायत की जाँच हेतु विद्यालय पहुंचे जाँच अधिकारी विकासखंड स्रोत समन्वयक मनोज गौतम और श्रीमती सपना चतुर्वेदी के समक्ष शिक्षकों, भ्रत्यों, शाला प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्यों और विद्यार्थियों ने अपने अपने बयान दर्ज कराये। निष्पक्ष जाँच करने हेतु पहुंचे अधिकारीयों के समक्ष सभी ने एक स्वर में शिकायत किये कि शासकीय माध्यमिक शाला में कार्यरत रसोईयों का व्योहार शाला के प्रति, पारिवारिक और सहयोगात्मक नहीं है, आये दिन छोटी छोटी बातों को लेकर वे लड़ाई झगड़े पर उतारू होकर विद्यालय का माहौल ख़राब करती हैँ। जिसका असर सीधे अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है। शाला में सौंपे गये दायित्यों के प्रति अरुचि दिखाना, अनियमित स्कूल आना, साफ सफाई से दूरी बनाना, ठीक से बच्चों को खाना न परोसना, बच्चों से अभद्रता पूर्ण व्योहार करना, शाला के शिक्षक-शिक्षिकाओं को झूठे प्रकरण में फंसा देने की धमकी देना, अपने कार्य से ज्यादा अपने मोबाईल पर बात करने को तज्जवो देना, कार्य के प्रति नैरस्यमय रुख अपनाते हुए, निरंतर उच्चअधिकारीयों के पास शिकवा शिकायत करने की धौन्स देना, वे- सिर पैर की बातों को लेकर आये दिन जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनसुनवाई का रुख अख्तियार करना, जैसी अनेकों अनेक कमियों को सुनकर जाँच अधिकारीयों ने माना कि उनका ये कृत्य अनुशासनहीनता की परिधि में आता है। जाँच अधिकारीयों ने रसोईयों द्वारा शिक्षकों की गयी शिकायत को वेबुनियाद, निराधार मानते हुए उनके द्वारा लगाये गये सभी आरोपों को मनगड़न्त और हवा- हवाई माने। जाँच -अधिकारीयों ने रसोईया द्वय को पृथक से बुलाकर समझाईस दिये कि, यदि उन्हें विद्यालय में अपनी सेवाएं विद्यार्थियों के बीच में देना है, तो उन्हें अपने अपने कदाआचरण को सदआचरण में बदलना होगा, साथ ही अपने कार्यों को निष्ठा पूर्वक सम्पन्न करके ही शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिवावकों के साथ पनपी कटुता को वे दूर किया जा सकता है।
अन्यथा शाला प्रबंध कार्य कारणी के सदस्यों द्वारा बहुमत के आधार पर कार्यों में बरती जा रही अब्बल दर्जे की लापरवाही के चलते, उन्हें कभी भी शाला से बालकेंद्रित हित को ध्यान में रखकर उनकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इस अवसर पर शाला प्रबंध कार्यकारणी की अध्यक्ष श्रीमती नेहा मिश्रा और सदस्य विकास मिश्रा ने भी रसोइयों के कार्यों से असंतुष्टि व्यक्त करते हुए, उन्हें शाला से यथा शीघ्र पृथक करने हेतु शिकायती पत्र जाँच अधिकारीयों के समक्ष प्रस्तुत करके शाला में स्वस्थ्य और पवित्र वातावरण निर्मित कराने का अनुरोध किये। इस अवसर पर शाला प्रबंध कार्यकारणी के सदस्यों के आलवा सचिव श्रीमती कविता जैन, वरिष्ठ शिक्षक मार्तण्ड सिंह राजपूत, जितेंद्र दुबे, श्रीमती निधि पटेरिया, मोहना जरगर सोनी, रश्मि विश्वकर्मा, मनीषा कांबले, अजय पटेल और अनिल पाण्डेय द्वारा भी अपने अपने बयान दर्ज कर विवादित रसोईयों को विद्यालय से पृथक कर नयी भर्ती करने की मांग किये।








