यहां सोने के साथ तांबा, जिंक, लेड और चांदी जैसे बहुमूल्य खनिजों के विशाल भंडार मौजूद, कटनी बनेगा देश का माइनिंग कैपिटल
कटनी। डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले को देश का उभरता हुआ “माइनिंग कैपिटल” बताते हुए इसके औद्योगिक और आर्थिक भविष्य को लेकर बड़ा विजन सामने रखा है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर साझा संदेश में कहा कि आने वाले समय में कटनी केवल “चूना नगरी” तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आधुनिक खनन प्रबंधन, बड़े औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खनिज संपदा के वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनहितकारी उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2025 में आयोजित “माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0” के दौरान कटनी जिले में 56 हजार 414 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। देश की कई बड़ी कंपनियों ने सीमेंट, मिनरल प्रोसेसिंग, ऊर्जा, धातु प्रसंस्करण और निर्माण क्षेत्र में निवेश की रुचि दिखाई है, जिससे हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कटनी को “स्वर्ण नगरी” के रूप में विकसित करने की परिकल्पना को भी विशेष महत्व दिया। जिले की स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया गांव में लगभग 3.35 लाख टन स्वर्ण अयस्क मिलने का अनुमान सामने आया है। भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के बाद वर्ष 2025-26 में इस खोज को अंतिम रूप दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यहां सोने के साथ तांबा, जिंक, लेड और चांदी जैसे बहुमूल्य खनिजों के विशाल भंडार भी मौजूद हैं।
खनन क्षेत्र में निवेश को गति देते हुए मुंबई की प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 121 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाकर 50 वर्षों की खनन लीज प्राप्त की है। लगभग 6.5 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
तकनीक आधारित निगरानी और बेहतर खनन प्रबंधन के चलते कटनी जिले के खनिज राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जिला प्रशासन द्वारा स्थापित ई-चेक गेट और माइनिंग सर्विलांस सिस्टम के माध्यम से अवैध उत्खनन और खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। पहले जहां जिले की औसत वार्षिक खनिज आय लगभग 100 करोड़ रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 160 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “स्वर्ण नगरी” और “माइनिंग कैपिटल” की अवधारणा के साथ कटनी आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक और खनिज केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।








