जनहित के कार्यों में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं, निगमायुक्त ने दी हिदायत, अधिकारी पूरी मुस्तैदी से करें अपने दायित्वों का निर्वहन
कटनी। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यालय सोमवार को समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में निगमायुक्त ने विभिन्न विभागों के शासकीय कार्यों की सघन समीक्षा करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतर्विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर उदासीनता अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी अधिकारी लोकहित के कार्यों में पूरी संवेदनशीलता के साथ सक्रिय रहें। बैठक में नगर निगम उपायुक्त द्वय शैलेश गुप्ता, प्रियंका झारिया, कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा, अंशुमान सिंह, सहायक यंत्री अनिल जायसवाल, आदेश जैन, सुनील सिंह सहित उपयंत्रियों एवं अन्य शाखा प्रमुखों की उपस्थिति रही।
आपदा प्रबंधन का रिस्पांस टाइम हो न्यूनतम
वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए निगम के गठित आपदा प्रबंधन दल की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि मानसून एवं जल जमाव जैसी आपात स्थितियों के मद्देनजर सभी विभाग आपस में जीवंत समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करें। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आपदा प्रबंधन का रिस्पांस टाइम न्यूनतम होना चाहिए और पूर्व निर्धारित सभी सुरक्षात्मक कार्यों का निरंतर फॉलोअप लिया जाए।
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में बरतें गंभीरता
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने सीएम हेल्पलाइन के 100 एवं 50 दिवस से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की शाखा वार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को गंभीरता, संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने भवन अनुज्ञा, अतिक्रमण, स्थापना एवं स्वास्थ्य शाखा के लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने, अतिक्रमण संबंधी शिकायतों में आवश्यकतानुसार स्थल निरीक्षण कर त्वरित कार्रवाई करने तथा स्वास्थ्य विभाग की नॉट अटेंडेड शिकायतों पर प्रभावी सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।यह संस्करण प्रेस विज्ञप्ति की औपचारिक और प्रभावी भाषा के अनुरूप है।
फायर सेफ्टी, जर्जर भवनों के सर्वे एवं अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई में रखें निरंतरता
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने फायर सेफ्टी से संबंधित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं कोचिंग संस्थानों में जांच के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फायर सेफ्टी की जांच अभियान निरंतर जारी रखा जाए ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए निगमायुक्त ने जन सुरक्षा के मद्देनजर सभी वार्डों में जर्जर भवनों एवं शासकीय विद्यालय भवनों का सर्वेक्षण कर उनकी स्थिति का परीक्षण करने तथा आवश्यकतानुसार विधिसम्मत डिस्मेंटल (ध्वस्तीकरण) की कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।
अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने अभियान में और गति लाने पर बल दिया। उन्होंने कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह को निर्देशित किया कि प्रत्येक सप्ताह कम से कम दो एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भवन अनुज्ञा की शर्तों के विपरीत निर्मित भवनों के मामलों में भी संबंधितों को नोटिस जारी कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शीघ्र प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।
ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश
ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना की समीक्षा के दौरान उपयंत्री श्री शैलेन्द्र प्यासी ने जानकारी दी कि 47 प्लॉटों की निविदा जारी की जा चुकी है तथा शेष प्लॉटों के लिए निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है। इस पर निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन प्लॉटों की निविदाएं प्राप्त हो चुकी हैं, उन पर आवंटन एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।
लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर दिया जोर
बैठक में निगमायुक्त ने संबल योजना एवं प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इसके साथ ही ई एचआरएमएस पोर्टल पर अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी अद्यतन करने, ई-केवाईसी के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने, आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित अभिलेख एवं विभागवार जानकारी आवश्यक दस्तावेजों एवं फोटो सहित संकलित करने, कर्मचारी समस्या निवारण शिविर आयोजित करने तथा अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने पेंशन हितग्राहियों की डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) प्रक्रिया एवं ई-टेंडर की ईएमडी रिफंड संबंधी प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने सहित अन्य प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए।
इनकी रही मौजूदगी
बैठक में उपयंत्री पवन श्रीवास्तव, जे पी सिंह बघेल, मृदुल श्रीवास्तव, शैलेन्द्र प्यासी, हिमांशु गौतम, राज ललित गुमास्ता, मोना करेरा, रवि हनौते, सहायक राजस्व अधिकारी सागर नायक, स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी, सहित कार्यालय अधीक्षक, विधि प्रभारी, योजना प्रभारी, सहित अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी रही।








