नगर विकास कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता को दें सर्वोच्च प्राथमिकता, बोलीं निगमायुक्त, लापरवाही पर अनुबंध निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्ट की होगी कार्रवाई

नगर विकास कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता को दें सर्वोच्च प्राथमिकता, बोलीं निगमायुक्त, लापरवाही पर अनुबंध निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्ट की होगी कार्रवाई

कटनी। शहर के समग्र एवं सुव्यवस्थित विकास को गति देने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने गुरुवार को लोक निर्माण शाखा के कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति का बिंदुवार परीक्षण किया।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
लापरवाही पर अनुबंध निरस्त एवं ब्लैक लिस्ट की करें कार्यवाही
समीक्षा के दौरान निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुविधा से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन स्वीकृत कार्यों में संबंधित ठेकेदारों द्वारा निर्धारित समयावधि में अनुबंध निष्पादित नहीं किया गया है, ऐसे प्रकरणों में तत्काल नोटिस जारी किए जाएं। नोटिस के उपरांत भी अनुबंध नहीं होने पर अनुबंध निरस्त करने तथा संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। उन्होंने अनुबंध के बाद भी प्रारंभ नहीं हुए निर्माण कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। निगमायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों की निरंतर प्रगति ही शहर के समग्र विकास का आधार है, इसलिए प्रत्येक स्वीकृत कार्य में गति लाई जाए ताकि नागरिकों को समय पर उसका लाभ मिल सके।
वर्क ऑर्डर पश्चात सात दिनों में कार्य हो प्रारंभ
निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि किसी भी विकास कार्य का वर्क ऑर्डर जारी होने के अधिकतम सात दिनों के भीतर स्थल पर कार्य प्रारंभ हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक विलंब करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रत्येक कार्य प्रारंभ करने से पूर्व उसकी व्यवहार्यता का परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं
बैठक में श्रीमती परिहार ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सभी उपयंत्री नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री का ही उपयोग हो। उन्होंने अभियंताओं को नियमित साइट विजिट कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का सतत मूल्यांकन करने के निर्देश दिए।
बेहतर समन्वय जरूरी
निगमायुक्त ने विभिन्न शाखाओं एवं अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्माण कार्य में अन्य विभागों से संबंधित कोई समस्या आती है तो आपसी समन्वय एवं आवश्यक बैठकों के माध्यम से उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।
इनकी रही मौजूदगी
बैठक में कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा, सहायक यंत्री अनिल जायसवाल उपयंत्री पवन श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, जयेंद्र प्रताप सिंह बघेल, शैलेन्द्र प्यासी, हिमांशु गौतम , राज ललित गुमास्ता, रवि हनौते, कार्यालय अधीक्षक नागेंद्र पटेल सहित लोक निर्माण शाखा के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Author: RashtraRakshak

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