फिल्म एक्ट्रेस कृति सेनन से भोपाल में मिली तेवरी की युवा सरपंच, लैंगिक समानता की ब्रांड एंबेसडर है कृति, जिला पंचायत सीईओ की पहल पर जिले में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का प्रयास

फिल्म एक्ट्रेस कृति सेनन से भोपाल में मिली तेवरी की युवा सरपंच, लैंगिक समानता की ब्रांड एंबेसडर है कृति, जिला पंचायत सीईओ की पहल पर जिले में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का प्रयास

कटनी। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान की थीम महिला एवं बालिका हितैषी पंचायत तेवरी जनपद पंचायत बहोरीबंद की युवा सरपंच सुश्री काजल रजक ने गत दिवस भोपाल में लैंगिक समानता की ब्रांड एंबेसडर एवं हिंदी फिल्मों की मशहूर अदाकारा कृति सेनन से भेंट कर अपने विचार साझा किए। जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर द्वारा जिले में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की पहल किए गए जाने के फलस्वरुप ऐसा होना संभव हुआ जब कटनी की युवा जनप्रतिनिधि कृति सेनन से रूबरू होकर अपनी बात रख सकीं। लैंगिक समानता की ब्रांड एंबेसडर एवं मशहूर अदाकारा
कृति सेनन द्वारा भोपाल का दौरा करने का उद्देश्य भारत सरकार विजिलेंस राज मंत्रालय द्वारा सबसे पहले ‘महिला एवं बालिका हितैषी पंचायत’ (महिला एवं बालिका हितैषी पंचायत) के बारे में चर्चा और संवाद करना था। यूएनएफपीए (यूएनएफपीए), पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के ज्ञान भागीदार (नॉलेज पार्टनर) के रूप में मध्यप्रदेश के 83 ग्रामों के प्रोजेक्ट में इस पहल को लागू किया जा रहा है। कृति सैनन ने सरपंचों के साथ चर्चा की और सफलता की कहानियां सुनी। यूएनएफपीए की लिंग सहायक राजदूत कृति सैनन ने मध्यप्रदेश में ‘महिला एवं बालिका हितैषी पंचायत’ की शुरुआत की। यूएनएफपीए के सहयोग से पहले 83 ग्रामों की लड़कियों और महिलाओं को नशामुक्त बनाने के लिए काम कर रहा है।
लैंगिक समानता आखिर है क्या ?
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर कहती हैं कि लैंगिक समानता का अर्थ है महिलाओं और पुरुषों, लड़कियों और लड़कों के लिए समान अधिकार, साथ ही सार्वजनिक और निजी जीवन के सभी क्षेत्रों में समान दृश्यता, सशक्तिकरण, जिम्मेदारी और भागीदारी। इसका तात्पर्य महिलाओं और पुरुषों के बीच संसाधनों की समान पहुंच और वितरण भी है। लैंगिक समानता की परिभाषा वह स्थिति है जिसमें अधिकारों या अवसरों तक पहुंच लिंग के आधार पर अप्रभावित रहती है। लैंगिक असमानता से केवल महिलाएं ही प्रभावित नहीं होतीं, सभी लिंगों के लोग प्रभावित होते हैं, जिनमें पुरुष, ट्रांसजेंडर और लैंगिक विविधता वाले लोग शामिल हैं। अतः सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में लैंगिक समानता आवश्यक है।

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Author: RashtraRakshak

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