सागर में जुटे प्रदेश के बस ऑपरेटर वीएन इस बार आर पार के मूड में, मांगे न मानी तो 2 मार्च से होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल
कटनी। प्रदेश के बस ऑपरेटरों की बैठक आज 22 फरवरी को सागर में हुई। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के बस ऑपरेटरों ने एक सुर में वर्तमान दमनकारी परिवहन नीति का विरोध किया। बारात के परमिटों के बढ़े हुए टैक्स एवं नई परिवहन नीति के विरोध में चर्चा के लिए प्रदेश के सभी जिलों के बस ऑपरेटर आज सागर में इकट्ठा हुए थे।
आप को बता दें कि वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की जा रही सुगम परिवहन सेवा को लेकर लगातार गजट नोटिफिकेशन एवं सुनवाई की कार्यवाही की जा रही है, बस ऑपरेटर इसका लगातार विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि जब सरकार की अपनी बस ही नहीं है तो यह सेवा सरकारी कैसे होगी। सरकार प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है।
पहले ही जनता का पैसा सरकार सूत्र सेवा के रूप में बर्बाद कर चुकी है अब फिर से द्वेष और दुर्भावना से जनता और ऑपरेटरों को धोखे में रख निजी कंपनियों को फायदा देने के मकसद से बरसो से परमिटों पर संचालन कर रहे बस ऑपरेटर के परमिट सरकार छीनना चाहती है और बस ऑपरेटरों को बेरोजगार करना चाहती है। सरकार ने इसी मंशा से 24 दिसंबर को गजट के माध्यम से नोटिफिकेशन भी कर दिया है, जिसकी आपत्ति के दौरान अधिकारियों ओर सरकार का अड़ियल रवैया देख बस ऑपरेटरों में गहरा रोष है। प्रदेश के सभी बस ऑपरेटर एक सुर में सरकार की दमनकारी नीति का विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में बस ऑपरेटरों द्वारा सरकार को जिला कलेक्टरों के माध्यम से एक दो दिनों में ज्ञापन के माध्यम से 2 मार्च तक का समय दिया जाएगा मांगे न माने जाने की स्थिति में पूरे प्रदेश में बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए शासन जिम्मेदार होगा। बैठक में प्रदेश की सभी यूनियनों द्वारा हड़ताल का समर्थन किया गया।








