उमरिया पान पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर चोर, अस्पताल से स्कूटी तो सामुदायिक मंगल भवन से चुराई थी खाद और गेहूं
कटनी। उमरियापान थानांतर्गत सामुदायिक मंगल भवन मंगेला से शासकीय खाद एवं गेहू चोरी करने तथा विगत दिनों शासकीय अस्पताल उमरिया पान प्रांगण से स्कूटी चोरी करने वाले शातिर चोरों को उमरियापान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी देते हुए उमरिया पान थाना प्रभारी दिनेश तिवारी ने बताया कि संतोष कुमार श्रीवास पिता रतिराम श्रीवास निवासी सिलौडी थाना ढीमरखेडा जिला कटनी ने उमरियापान थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी की 25 नवंबर 25 की सुबह 11 बजे शासकीय अस्पताल उमरियापान ईलाज कराने स्कूटी क्रं. MP20SK2747 से गया था। इसी बीच शास.अस्पताल उमरियापान प्रांगण से कोई अज्ञात चोर उसकी एक्टिवा स्कूटी चोरी कर ले गया। उमरियापान पुलिस ने घटना के बाद धारा 303(2) बी.एन.एस. का प्रकरण पंजीबध्द किया था। इसी प्रकार अतुल गर्ग पिता सीताराम गर्ग उम्र 38 वर्ष निवासी विछिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई की सामुदायिक भवन मंगेला में रखी शासकीय खाद की 31 बोरी एवं गेहू की 20 बोरी कोई अज्ञात चोर 4 दिसंबर से 18 दिसंबर के बीच चोरी कर ले गया है। पुलिस अधीक्षक महोदय कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में उमरियापान पुलिस ने चोरी किये गए माल की वरामदगी एवं आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की। संदेह के आधार पर आरोपी गोपी उर्फ शनि पिता राजेश कोल उम्र 19 वर्ष निवासी मंगेला देवरी थाना उमरियापान जिला कटनी एवं अजय पिता गोटीलाल कोल उम्र 19 वर्ष निवासी मंगेला देवरी थाना उमरियापान जिला कटनी को पकड़ा। पूछताछ करने पर शासकीय अस्पताल से स्कूटी एवं सामुदायिक भवन मंगेला रखी शासकीय खाद की 31 बोरी एवं गेहू की 20 बोरी चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों से करीबन 1 लाख 43 हजार 700 रूपये की वरामदगी की गई। कार्यवाही मे थाना प्रभारी उप.निरीक्षक. दिनेश तिवारी, उप निरी.भरत सिंह मार्को, सउनि कोदूलाल दाहिया, Asi गया प्रसाद मंगोरे, प्र.आर. जितेन्द्र सिंह, प्र.आर. अजय तिवारी, प्र.आर. आशीष झारिया, प्र.आर. अजय सिंह, प्र.आर.योगेन्द्र सिंह, आर. योगेश पटेल, आर.नीलेश पटेल, आर.रोहित झारिया, आर.मोहन मुबेल, आर. जगन्नाथ सिंह, आर. अनिल पांडेय, आर.मनोज कुम्हरे, आर.सतेन्द्र चौरसिया एवं महिला आरक्षक दुर्गा शुक्ला, सैनिक संतोष दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








