183 गांवों की बदलेगी तस्वीर, बहोरीबंद माइक्रो उद्वहन परियोजना से 46 हजार हेक्टेयर से ज्यादा खेतों तक पहुंचेगा पानी, 2029 तक सिंचाई क्रांति की तैयारी

कटनी। कटनी और जबलपुर जिले के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बहुप्रतीक्षित बहोरीबंद माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद इसके निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब 1,432.77 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य वर्ष 2029 तक पूरा करना है। परियोजना के तहत 17.35 क्यूमेक पानी का उद्वहन कर 183 गांवों की 46,716 हेक्टेयर कृषि भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचाई जाएगी। इसमें कटनी जिले के 167 गांवों की 44,334 हेक्टेयर और जबलपुर जिले की मझौली तहसील के 16 गांवों की 2,383 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
सबसे अधिक लाभ बहोरीबंद तहसील को मिलेगा, जहां 95 गांवों की 22,103 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा स्लीमनाबाद के 48 गांव, रीठी के 22 गांव और कटनी तहसील के 2 गांव भी इस परियोजना से लाभान्वित होंगे। कलेक्टर आशीष तिवारी ने हाल ही में परियोजना की समीक्षा कर निर्माण कार्य को गुणवत्ता और समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। परियोजना के लिए 25.15 मेगावाट विद्युत क्षमता का उपयोग किया जाएगा।
परियोजना पूरी होने के बाद किसान केवल एक फसल तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वर्ष में दो से तीन फसलें लेने में सक्षम होंगे। इससे गेहूं, धान, चना के साथ सब्जियां, दलहन, तिलहन और अन्य नकदी फसलों की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और कृषि आधारित उद्योगों के विकास को नई गति मिलेगी। माना जा रहा है कि 2029 में जब इस परियोजना का पानी खेतों तक पहुंचेगा, तब यह केवल सिंचाई योजना नहीं, बल्कि हजारों किसान परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव बनेगी।

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Author: RashtraRakshak

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