शहर वासियों को तपस्या से है उम्मीदें, नवागत निगमायुक्त तपस्या परिहार के सामने खड़ी चुनौतियां, पानी, बिजली, सड़क, क्या सुधरेंगे हालात, यहां तो कर्मचारी ही ठेकेदार
कटनी। नगर की नवागत निगमायुक्त तपस्या परिहार ने कटनी नगर निगम कार्यालय में गत गुरुवार को पदभार ग्रहण कर लिया। तपस्या परिहार कटनी नगर निगम आयुक्त कटनी का पदभार ग्रहण करने के पश्चात नगर निगम कार्यालय के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण भी किया। भारतीय प्रशासनिक सेवा 2018 बैच की आईएएस अधिकारी तपस्या परिहार को मध्य प्रदेश कैडर प्राप्त है। इसके पूर्व वे प्रशासन विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों में रहकर दायित्वों का निर्वहन कर चुकी है। कार्यभार ग्रहण के दौरान पूर्व निगम आयुक्त नीलेश दुबे, उपायुक्त शैलेश गुप्ता, प्रभारी कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा, राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक, सहायक यंत्री आदेश जैन, अनिल जायसवाल, उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव, कार्यालय अधीक्षक नागेंद्र पटेल, सहायक राजस्व अधिकारी सागर नायक, स्टेनो आयुक्त आलोक तिवारी, प्रभारी ई गवर्नेंस अधिकारी संदीप पाठक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बढ़ी उम्मीदें
तपस्या परिहर मध्य प्रदेश की एक ऐसी आईएएस अधिकारी हैं जो की भ्रष्टाचार के खिलाफ सीधे तौर पर एक्शन ले चुकी हैं। एक मामला तो ऐसा भी हुआ था जब इन्होंने 50000 की रिश्वत ऑफर करने वाले को जेल ही मिजवा दिया था। ईमानदार आईएएस अधिकारी के तौर पर पहचानी जाने वाली तपस्या परिहर के कटनी नगर निगम में पदस्थ होने से अब शहर वासियों की उम्मीदें बढ़ गई है। शहर में व्याप्त बिजली पानी सड़क की समस्या किसी से छिपी नहीं है। करोड़ों की लागत खर्च हो जाने के बावजूद हालातो में सुधार न होना शहर वासियों के लिए पीड़ा दायक है। अब देखना यह है कि शहर में पसरी अवस्था और विकास कार्यों में ठेकेदारों द्वारा की जा रही मनमानी पर अंकुश लगा पाने में क्या तपस्या कामयाब होती हैं या फिर वे भी असफल ही रह जाती हैं।
कर्मचारी ही ठेकेदार
भ्रष्टाचार का बोलबाला इस कदर है कि यहां पर अधिकारियों की जमकर मनमानी चलती है। तीन कर्मचारी तो नगर निगम के ऐसे हैं जो कि नगर निगम के विकास कार्यों का बड़ा ठेका खुले तौर पर लेते हैं। अधिकारों से साठ गांठ करके मोटा कमीशन देने के बाद ये लोग ठेका हासिल करते हैं, उसके बाद विकास कार्यों के लिए आई राशि का जिस तरह उपयोग होता है वह शहर वासी देख ही रहे हैं। नगर निगम में पदस्थ प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी को इन तीनों ठेकेदार रूपी कर्मचारियों की मनमानी के विषय में पूरी जानकारी है। सब कुछ जानते हुए भी आंख मूंदे रहना और भ्रष्टाचार की अग्नि में अपनी भी आहुति देने देते रहना क्या शहर के लिए हितकर है।








