लमतरा ब्रिज हादसा, कटनी कलेक्टर ने सतना कलेक्टर को लिखा सख्त पत्र, फर्जी ईटीपी जारी करने वाले स्टॉक होल्डर पर गिर सकती है गाज!, खुला खेल

लमतरा ब्रिज हादसा, कटनी कलेक्टर ने सतना कलेक्टर को लिखा सख्त पत्र, फर्जी ईटीपी जारी करने वाले स्टॉक होल्डर पर गिर सकती है गाज!, खुला खेल

कटनी। लमतरा ब्रिज पर पत्थर के अवैध परिवहन के कारण हुए भीषण हादसे के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। ‘ई-खनिज’ पोर्टल पर हादसे के बाद फर्जी तरीके से ट्रांजिट पास जारी करने के सनसनीखेज खुलासे को कटनी जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आते ही 15 जून को सतना कलेक्टर को एक पत्र लिखकर दोषी स्टॉक होल्डर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा है।
कलेक्टर की त्वरित पहल: ‘टाइमिंग’ के खेल ने पकड़ाया फर्जीवाड़ा
सूत्रों का कहना है कि जब कटनी कलेक्टर के समक्ष ईटीपी नंबर 2610398685 के समय और दूरी का बेजोड़ विरोधाभास सामने आया, तो वे भी दंग रह गए।
हादसे के बाद खुली पोल
14 जून की शाम करीब 4 से 4:15 बजे के बीच लमतरा ब्रिज पर यह दर्दनाक हादसा हो चुका था। सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह बात पुख्ता हुई कि जब गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होकर खड़ी थी, तब उसके करीब आधे घंटे बाद शाम 4:44 बजे सतना जिले के ग्राम सकरिया (रघुराजनगर) के पट्टाधारक/स्टॉक होल्डर आशुतोष मिश्रा-बद्री विशाल मिश्रा के खाते से यह ऑनलाइन ईटीपी जनरेट की गई। चूंकि सतना से कटनी की दूरी 125 किलोमीटर है और इसे तय करने में 4 घंटे से अधिक का समय लगता है, इसलिए कागजों पर यह गाड़ी रात 8:54 बजे के बाद ही कटनी आ सकती थी। हादसे के बाद बैक-डेट (यानी गाड़ी रवाना होने से पहले ही दुर्घटनास्थल पर मौजूद होना) का यह खेल पूरी तरह अवैध परिवहन को वैध बनाने की नाकाम कोशिश थी।
पत्र में स्टॉक होल्डर का लाइसेंस और लीज निरस्त करने की मांग!
सतना जिले के प्रशासनिक सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, 15 जून को लिखे गए इस आधिकारिक पत्र में कटनी कलेक्टर ने सतना कलेक्टर से सीधे तौर पर कहा है कि इस गंभीर हादसे और अवैध परिवहन को छिपाने के लिए डिजिटल सिस्टम का दुरुपयोग किया गया है। संबंधित पर कार्रवाई की जाए।
कड़ी कार्रवाई के निर्देश
बताया गया है कि कटनी कलेक्टर का पत्र मिलने के बाद सतना कलेक्टर द्वारा संबंधित खनिज पट्टाधारक/स्टॉक होल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी, शासकीय पोर्टल के दुरुपयोग और अवैध उत्खनन/परिवहन की धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा सकती है। इस संबंध में स्थानीय खनिज अधिकारी को दिशा निर्देश भी दिए गए हैं।
ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी
सूत्रों का दावा है कि कटनी प्रशासन ने सतना कलेक्टर से उक्त खदान और स्टॉक होल्डर की लीज व पर्यावरण स्वीकृति को तत्काल प्रभाव से निलंबित या निरस्त करने की भी सिफारिश की है, ताकि माफियाओं को कड़ा संदेश दिया जा सके।
सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों पर भी कसेगा शिकंजा
कलेक्टर द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम के बाद अब सिर्फ कटनी ही नहीं, बल्कि सतना जिले के खनिज विभाग और कारोबारी में भी खलबली मची हुई है। सूत्रों की मानें तो कटनी कलेक्टर के इस पत्र के आधार पर सतना जिला प्रशासन भी एक विशेष जांच टीम गठित कर रहा है, जो यह पता लगाएगी कि 14 जून की शाम 4:44 बजे किसके इशारे पर और किस कंप्यूटर आईडी से यह फर्जी ईटीपी काटी गई थी। साफ है कि 4 बेगुनाह जिंदगियों की मौत के बाद अब प्रशासन इस खूनी खेल के मुख्य किरदारों को बख्शने के मूड में बिल्कुल नहीं है।

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Author: RashtraRakshak

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