जल संचय और भू-जल संवर्धन हेतु जनभागीदारी, मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से लगभग 49 करोड़ की लागत से 1600 से अधिक कार्य हुए पूर्ण, जिला पंचायत सीईओ के प्रयासों से अभियान बना जन आंदोलन
कटनी। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026” के अंतर्गत जल संरक्षण एवं संवर्धन के 1600 कार्यों को पूर्ण कर जिला पंचायत कटनी ने इतिहास रचते हुए कीर्तिमान बनाया है। इन कार्यों पर मनरेगा,15वां वित्त एवं अन्य योजनाओं से लगभग 49 करोड रुपए की राशि व्यय गई है। उल्लेखनीय है की राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल संरक्षण एवं संवर्धन अभियान जारी रहेगा। अल्प समय में जिला पंचायत की सीईओ एवं जल संरक्षण एवं संवर्धन अभियान की नोडल अधिकारी हर सिमरनप्रीत कौर द्वारा की गई सतत निगरानी, निर्देशों एवं प्रयासों से अभियान को तीव्र गति, सही दिशा और मूर्त रूप मिल सका है। जिला पंचायत की सीईओ सुश्री कौर ने बताया कि अभियान के दौरान 19 मार्च से अब तक जल संचय एवं भूजल संवर्धन हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में डग वेल रिचार्ज के 683, फॉर्म पौंड के 462, इरिगेशन स्ट्रक्चर के 144, वाटर स्ट्रक्चर के अंतर्गत रिपेयर एवं मेंटेनेंस के 33, वाटर कंजर्वेशन रिचार्ज के 118 एवं वाटर रिलेटेड 160 कार्य पूर्ण कराए गए हैं। जबकि 12 अमृत सरोवर के कार्य प्रगतिरत है जो बारिश के पूर्व पूर्ण कराए जाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर आगे बताती है कि 19 मार्च से प्रारंभ हुई जल गंगा संवर्धन अभियान के पूर्व से उक्त 4254 कार्य प्रगति पर थे जिनमें से 673 कार्य पूर्ण हुए थे लेकिन अभियान के दौरान विशेष प्रयासों से कुल 2273 कार्यों को पूर्ण कराया गया। 19 मार्च से केवल अभियान के दौरान 1600 कार्य पूर्ण कराए गए हैं जबकि 1981 कार्य प्रगति पर हैं। शत प्रतिशत कार्य पूर्ण कराए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
जन भागीदारी से होने वाली गतिविधियां
जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर बताती है कि जनप्रतिनिधियों,नागरिकों, समाजसेवियों,जन समुदाय और जन अभियान परिषद के सहयोग से जल संरक्षण एवं संवर्धन अभियान के दौरान जन जागरूकता, भूजल संवर्धन एवं बारिश के पानी की जीवन दायिनी एक एक बूंद को सुरक्षित रखने लगभग 2329 प्रकार की विविध प्रकार की गतिविधियां आयोजित की गई है। जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर ने बताया कि ग्राम पंचायतों में मंदिरों व सार्वजनिक स्थलों पर साफ सफाई के 818, बावड़ीयों में, सार्वजनिक प्याऊ 45, आंगनबाड़ी भवनों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के 105, जल जीवन मिशन की सिंगल विलेज स्कीम के अंतर्गत भूजल संवर्धन के 160, 407 ग्राम पंचायत में तालाबों और अन्य जल संरचनाओं की साफ सफाई, दीवार लेखन 340, प्रभात फेरी 51, कलश यात्रा 62, वृक्ष पूजन, मानस पाठ एवं भजन संध्या की 102 -102 गतिविधियां जन जागरूकता एवं व्यापक प्रचार प्रसार हेतु की गई हैं। इसमें 15 वें वित्त की राशि भी उपयोग की गई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, जन समुदाय ,समाजसेवियों और जन जन के सहयोग से जन आंदोलन का रूप ले चुका है। निश्चित रूप से किए गए कार्यों से जलस्तर में वृद्धि होने के साथ भविष्य में जल संकट से बचने में मदद मिलेगी।








