ऑपरेशन मुस्कान के तहत कोतवाली पुलिस की मिली बड़ी सफलता, पटना पहुंचे 15 वर्षीय बालक को लाया सकुशल वापस
कटनी। कटनी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत थाना कोतवाली पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए 15 वर्षीय गुमशुदा बालक को बिहार की राजधानी पटना से सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया। बालक के सुरक्षित लौटने पर परिवार में खुशी का माहौल है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा जिले में गुमशुदा नाबालिग बच्चों की प्राथमिकता के आधार पर खोजबीन कर सकुशल दस्तयाबी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय के नेतृत्व में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 20 मई 2026 को रेखा विश्वकर्मा निवासी ग्राम जूरा थाना मैहर ने थाना कोतवाली कटनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका 15 वर्षीय पुत्र 15 मई को अपनी मौसी के साथ जिला अस्पताल कटनी आया था। इलाज में अधिक समय लगने पर वह मौसी से घर जाने की बात कहकर निकल गया, लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने मैहर और कटनी में उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रिपोर्ट के आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 484/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने बालक की मौसी से पूछताछ की, जिन्होंने बताया कि बालक ट्रेन से मैहर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद पुलिस ने कटनी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें बालक दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन में बैठते हुए दिखाई दिया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन के रूट में आने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के आधार पर बालक के पटना में होने की जानकारी मिली।
पुलिस टीम ने तत्काल समन्वय स्थापित कर बालक को पटना से सकुशल दस्तयाब किया और कटनी लाकर उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। पूछताछ और काउंसलिंग के दौरान बालक ने बताया कि वह मैहर जाने के लिए ट्रेन में बैठा था, लेकिन यात्रा के दौरान नींद लग जाने के कारण ट्रेन पटना पहुंच गई। राहत की बात यह रही कि बालक के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। बालक के सुरक्षित वापस लौटने पर परिजनों ने कटनी पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस पूरी कार्रवाई मे थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय, सउनि विजय गिरी, प्रधान आरक्षक नितिन जायसवाल, उमेश सिंह, आरक्षक मंसूर हुसैन, दिनेश सेन एवं अजीत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







