जबलपुर से अमृतसर सीधी ट्रेन की मांग हुई तेज, सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया ने सांसद वीडी शर्मा को सौंपा ज्ञापन
कटनी। जबलपुर से अमृतसर वाया मुड़वारा-कटनी, दमोह और सागर होते हुए एक सीधी ट्रेन शुरू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्रीय यात्रियों की एक अर्से से लंबित इस सुविधा को लेकर सिंधी काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने सांसद वीडी शर्मा से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है।
जानकारी देते हुए सिंधी काउंसिल ऑफ़ इंडिया के जिला अध्यक्ष गोविंद सचदेवा ने बताया कि इस ट्रेन के शुरू होने से महाकौशल और बुंदेलखंड क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जबलपुर और कटनी क्षेत्र से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु अमृतसर की यात्रा करते हैं। अमृतसर के पास स्थित ब्यास में राधा स्वामी सत्संग का प्रमुख केंद्र है, जहाँ क्षेत्र के हजारों अनुयायी नियमित रूप से जाते हैं। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर (हरमंदिर साहिब), दुर्गियाना मंदिर और जलियांवाला बाग जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए सीधी ट्रेन एक बड़ी सुविधा होगी। इसके अलावा अटारी-वाघा बॉर्डर पर होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी देखने जाने वाले पर्यटकों के लिए भी ट्रेन शुरू होने से यह मार्ग सुगम हो जाएगा।
व्यापारिक और कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई गति
अमृतसर न केवल धार्मिक बल्कि व्यापारिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। ऊनी कपड़ों और होजरी के व्यापार के लिए अमृतसर देश का प्रमुख बाजार है। खेती- किसानी में उपयोग होने वाली आधुनिक मशीनरी के कारखानों के कारण यहाँ के व्यापारियों और किसानों का अमृतसर आना-जाना लगा रहता है।
वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों के लिए राहत
वर्तमान में सीधी ट्रेन न होने के कारण यात्रियों को ट्रेनें बदलनी पड़ती हैं, जिससे बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। सीधी ट्रेन शुरू होने से यात्रा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि सुरक्षित और आरामदायक भी होगी।
सांसद से शीघ्र पहल की उम्मीद
सांसद श्री शर्मा को सौंपे गए ज्ञापन में बिंदुवार तरीके से इस ट्रेन की सार्थकता को समझाया गया है। नागरिकों का कहना है कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से यह ट्रेन इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित हो सकती है। अब क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि जनभावनाओं को देखते हुए रेल मंत्रालय जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगा।








