रसूखदारों का खौफनाक कारनामा, चांडक चौक में युवक को थमा दिया ‘मौत का सामान, आत्महत्या के लिए उकसाने वाले 4 पर एफआईआर
कटनी। शहर के हृदय स्थल चांडक चौक इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक युवक को न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि आरोपियों ने उसे खुदकुशी करने के लिए हाथ में ‘सल्फास’ (जहर) तक थमा दिया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में शहर के चार नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
आजाद चौक (मशरुहा वार्ड) निवासी नीतेश गुप्ता (39 वर्ष) पिता नारायण दास गुप्ता ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि विजय कनकने, दीपक गुप्ता, संदीप गुप्ता एवं एक अन्य ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि उनका जीना दूभर हो गया।
फरियादी के अनुसार, पैसों के लेन-देन को लेकर उपजे विवाद में आरोपियों ने सीमाएं लांघ दीं। आरोपियों ने नीतेश को न केवल मरने के लिए मजबूर किया, बल्कि क्रूरता की हद पार करते हुए उसे सल्फास की गोलियां थमा दीं और जहर खाकर जान देने के लिए उकसाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया है। पुलिस ने आरोपी विजय कनकने, दीपक गुप्ता, संदीप गुप्ता एवं एक अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, धारा 62, धारा 54 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। साथ ही, मामले में म.प्र. ऋणियों का संरक्षण अधिनियम की धारा 3 व 4 भी लगाई गई है, जो अवैध रूप से कर्ज वसूली और प्रताड़ना से जुड़ी है। दिनदहाड़े चांडक चौक जैसे व्यस्त इलाके से जुड़े इस घटनाक्रम ने शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। पीड़ित नीतेश गुप्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों के दबाव और इस जानलेवा व्यवहार के कारण वह बेहद डरा हुआ है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जहर (सल्फास) आरोपियों के पास कहां से आया और इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ क्या थी। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश और मामले के अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।







