बीएमएचआरसी में हिंदी पखवाड़े के उद्घाटन अवसर पर जनसंपर्क संचालनालय के उप संचालक सुनील वर्मा बोले, हिंदी जनसंपर्क का सशक्त माध्यम

भोपाल। हिंदी जनसंपर्क का एक सशक्त माध्यम हैं, जिसमें संवाद करना संप्रेषण को पूर्णता प्रदान करता है। सोशल मीडिया ने हिंदी को वैश्विक संवाद का माध्यम बना दिया है। हम हिंदी भाषी लोग हैं और जब हिंदी में संवाद करेंगे, तभी आम लोगों से जुड़ पाएंगे। यह कहना है कि मप्र जनसंपर्क संचालनालय में उपसंचालक सुनील वर्मा का। वे भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, भोपाल में मंगलवार को हुए हिंदी पखवाड़े के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर अपना पूरा कार्य हिंदी में किया जा रहा है। सारा संवाद हिंदी में होने से हिंदी एक जुड़ाव का सूत्र बन गई है। हिंदी न केवल हमारी मातृभाषा है, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता का भी प्रतीक है। यह दुनिया की सबसे पुरानी और समृद्ध भाषाओं में से एक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी पखवाड़े को मनाने का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को अपना कार्यालयीन कामकाज हिंदी में करने के लिए प्रेरित करना है। हिंदी पखवाड़े के दौरान ऐसी प्रतियोगिताएं कारवाई जा रही हैं, जो इस उद्देश्य की पूर्ति में सहायक सिद्ध हो सकती हैं। केंद्र सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा जारी निदेशानुसार संस्थान के सभी कार्यालयीन कार्य हिंदी एवं द्विभाषी रूप से किए जा रहे हैं। इस तरह पूरा बीएमएचआरसी हिंदी के विकास और राजभाषा नीति के क्रियान्यवन के लिए पूरी तन्मयता से काम कर रहा है।
प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनुराग यादव ने कहा कि हिंदी पखवाड़े के अतिरिक्त पूरे वर्ष भी बीएमएचआरसी की कोशिश होती है कि राजभाषा संबंधी नियमों का पालन किया जाए। पिछले साल कर्मचारियों को हिंदी में प्रवीण बनाने के लिए पारंगत प्रशिक्षण का आयोजन करवाया गया। इस बार हिंदी टायपिंग का प्रशिक्षण दिया गया। कर्मचारियेां के लिए लगातार हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है साथ ही हिंदी में अधिक से अधिक काम करने वाले कर्मचारियेां को प्रोत्साहित करने के लिए हिंदी प्रोत्साहन योजना के तहत पुरस्कार भी प्रदान किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में हिंदी पखवाड़ा आयोजन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह व अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

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Author: RashtraRakshak

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