कलेक्‍टर श्री यादव का सख्‍त रूख, स्त्रोत प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त होने व शासकीय कार्यों में बाधा डालने पर 3 उर्वरक विक्रेताओं के लायसेंस निलंबित

कलेक्‍टर श्री यादव का सख्‍त रूख, स्त्रोत प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त होने व शासकीय कार्यों में बाधा डालने पर 3 उर्वरक विक्रेताओं के लायसेंस निलंबित

कटनी। उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, टैगिंग, मिस ब्रांडिंग, अवैध परिवहन पर कठोर कार्रवाई करने के कलेक्‍टर श्री दिलीप कुमार यादव द्वारा कृषि अधिकारियों को दिये निर्देश के पालन में गठित जिला स्तरीय उर्वरक गुण नियंत्रण निरीक्षण दल को चाहे गये अभिलेख नहीं दिखाने और उर्वरक भंडारण गोदाम का निरीक्षण नहीं कराकर शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले जिले के तीन उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र लायसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्‍टर श्री यादव के किसानों से संबंधित खाद, बीज के मामले में लापरवाही नहीं बरतने के दिये सख्‍त निर्देश की वजह से अभियान स्वरूप में जारी जांच कार्य जिला स्तरीय उर्वरक गुणनियंत्रण दल के द्वारा किया गया। इस दौरान विक्रेता संस्थान के उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र में संलग्न स्त्रोत प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त होना, निरीक्षण दल द्वारा चाहे गये अभिलेख न दिखाना एवं उर्वरक भण्डारण गोदाम का निरीक्षण करने से रोकने पर शासकीय कार्य में व्यवधान मानते हुए मेसर्स भोलेनाथ गुप्ता, ग्राम खितौली तहसील बरही, विकासखण्ड बडवारा, को प्रदाय किया गया 30 जुलाई 2011 को उर्वरक विकय प्राधिकार पत्र,जिसकी वैधता तिथि 29 जनवरी 2026 तक थी।इसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इसी प्रकार मेसर्स विनोद गुप्ता, ग्राम खितौली तहसील बरही, विकासखण्ड बडवारा, के उर्वरक विक्रय संस्थान के निरीक्षण के दौरान उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र में संलग्न स्त्रोत प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त होना, निरीक्षण दल द्वारा चाहे गये अभिलेख न दिखाना एवं उर्वरक भण्डारण गोदाम का निरीक्षण करने से रोकना और शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने पर इस संस्थान का लायसेंस निलंबित किया गया।
इस संस्थान को 22 जुलाई 2011 को उर्वरक विकय प्राधिकार पत्र प्रदान किया गया था। जिसकी वैधता 31 अक्टूबर 2026 तक थी। जिसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा मेसर्स हनुमान बीज भण्डार (प्रो. कपिल गुप्ता) ग्राम खितौली तहसील बरही, विकासखण्ड बडवारा, के उर्वरक विक्रय संस्थान द्वारा जिला स्तरीय उर्वरक गुणनियंत्रण दल को उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र में संलग्न स्त्रोत प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त होना मिलीं। साथ ही, निरीक्षण दल द्वारा चाहे गये अभिलेख न दिखाना शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने की श्रेणी में मानते हुए लायसेंस निलंबित किया गया। इस संस्थान का लायसेंस 16 मई 2012 को प्रदान किया गया था। जो 7 जनवरी 2026 तक वैध था। लेकिन संस्थान के नियम विपरीत कृत्यों की वजह से लायसेंस निलंबित कर दिया गया है।
उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश का उल्लंघन
उर्वरक विक्रय संस्थानों के उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र में संलग्न स्त्रोत प्रमाण पत्र की वैधता समाप्त होना,निरीक्षण दल द्वारा चाहे गये अभिलेख न दिखाना एवं उर्वरक भण्डारण गोदाम का निरीक्षण करने से रोकना शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने की श्रेणी में माना गया। जो उर्वरक गुणनियंत्रण आदेश 1985 के खंड 28 (1) व 28 (4) एवं 35 का उल्लघंन है। इस आधार पर उर्वरक पंजीयन अधिकारी एवं उपसंचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास मनीष मिश्रा ने तीनों संस्थानों का उर्वरक विक्रय लायसेंस निलंबित कर दिया है।

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Author: RashtraRakshak

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