राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत समस्त जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं जनपद सदस्यों की प्रशिक्षण सह कार्यशाला संपन्न
कटनी। जन केंद्रित दृष्टिकोण, जनता के प्रति जवाबदेही, संतुलन और निष्पक्षता, आपसी सहयोग और समन्वय, जमीनी हकीकत का विश्लेषण कर केंद्र सरकार और राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कर हर पात्र व्यक्ति को हितलाभ पहुंचाना एवं विकास कार्यों को जनहित में गति प्रदान करना हम सबकी संयुक्त जिम्मेदारी है। कुछ ऐसे विचार जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने बुधवार को जिला पंचायत के सभापक्ष में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला में समस्त जनपद पंचायतों से आए जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं जनपद सदस्यों के सम्मुख व्यक्त किए। सुश्री कौर ने कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन के पूर्व उनके विषय में भली भांति जानकारी होनी चाहिए ताकि हम जरूरतमंदों की सहायता समय पर कर सकें। इसके पूर्व मां सरस्वती की पूजा अर्चना के उपरांत कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद प्रतिभागियों का मैन्युअल एवं टीएमपी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन की कार्रवाई की गई। एसआईआरडी जबलपुर से उपस्थित प्रशिक्षण प्रभारी पंकज राय द्वारा जन प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण की रूपरेखा, परिचय एवं प्रारंभिक जानकारी से अवगत कराया गया।
चुनौतियों से सामना और स्पष्ट व्याख्या, प्रश्नों का समाधान
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने कहा कि नागरिकों ने आपको चुना है इसलिए नागरिकों की अपेक्षाएं आपसे हमेशा होती हैं। आप सभी को प्रतिदिन एक नई चुनौती का सामना करना पड़ता है। किंतु यदि हमें शासन की योजनाओं की जानकारी एवं नियमों का ज्ञान है तो स्पष्ट व्याख्या करने से बहुत सी तात्कालिक समस्याओं का समाधान त्वरित हो जाता है। इस दौरान हमें राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन का भी ध्यान रखना आवश्यक है। इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा किए गए प्रश्नों का समाधान जिला पंचायत की सीईओ ने चर्चा करते हुए किया। उपस्थित जन प्रतिनिधियों ने कंधे से कंधा मिलाकर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन एवं विकास को गति प्रदान करने का संकल्प लिया।
संवाद कर अनुभव साझा किये, मांगे सुझाव,लिया फीडबैक
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती कौर ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त होने वाले अनुभव साझा करने को कहा। इस दौरान उन्होंने आवश्यक सुझाव भी मांगे ताकि सहयोग एवं समन्वय से योजनाओं का क्रियान्वयन और भी बेहतर तरीके से हो सके। उन्होंने प्रशिक्षण का फीडबैक भी लिया। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी ने योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे इसके लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता जताई। प्रशिक्षण में सतत विकास के 17 लक्ष्य, नौ थीम पर सतत विकास के लक्षण का स्थानीयकरण ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) जनपद पंचायत विकास योजना (बीपीडीपी) एवं जिला पंचायत विकास योजना (डीपीडीपी) तथा अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 एवं नियम (एफआरए) के संबंध में अधिकारियों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।
इनकी रही मौजूदगी
इस दौरान जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, जनपद पंचायत के सीईओ प्रदीप सिंह, वन क्षेत्रपाल देवेश गौतम, सुरेश बरोले सहायक वन संरक्षक, मीडिया प्रभारी योगेंद्र कुमार असाटी, कमल सिंह ठाकुर जिला समन्वयक आरजीएसए, जग्गी पटेल, संदीप विश्वकर्मा, विनोद शर्मा सुजाता पांडे, मोहम्मद आरिफ, सपन चतुर्वेदी, आशीष, महेंद्र, किरण, हर्ष, पुष्पेंद्र, मानसी जैन, संजय पटेल एवं अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी रही।








