प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, कैमोर-कटनी देवरीमझगवां मार्ग पर गड्ढों में रोपे बेशर्म के पौधे
कटनी। क्षेत्र की जर्जर सड़कों और प्रशासनिक अनदेखी से परेशान स्थानीय नागरिकों का गुस्सा आज फूट पड़ा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद तोड़ने और उन्हें आईना दिखाने के लिए स्थानीय लोगों के द्वारा एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया गया। कैमोर-कटनी मुख्य मार्ग को जोड़ने वाले देवरीमझगवां मार्ग पर राहगीरों और ग्रामीणों ने सड़क के बीचों-बीच बने जानलेवा गड्ढों में ‘बेशर्म के पौधे रोपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
हादसों को न्योता दे रही है सड़क
ग्रामीणों और स्थानीय राहगीरों का आरोप है कि देवरी-मझगवां मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है। सड़क पर इतने बड़े और गहरे गड्ढे हो चुके हैं कि यहां से गुजरना किसी खतरनाक सफर से कम नहीं है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारी इस गंभीर समस्या से पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं।
अधिकारियों को आईना दिखाने का प्रयास
समाजसेवी व अधिवक्ता ब्रह्ममूर्ति तिवारी ने बताया कि विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। जब अधिकारी हमारी जायज मांगों को लेकर इतने बेशर्म हो चुके हैं, तो हमने सोचा कि क्यों न इन गड्ढों में ‘बेशर्म’ के ही पौधे लगा दिए जाएं, ताकि शायद उन्हें अपनी जिम्मेदारी का अहसास हो।
स्थानीय नागरिक दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस रचनात्मक और तीखे विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। अगर जल्द ही इस मुख्य मार्ग के गड्ढों को भरकर सड़क का कायाकल्प नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस अनोखे प्रदर्शन के बाद अब देखना यह है कि लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस आईने को देखकर जागते हैं या जनता को इस बदहाली में जीने के लिए यूं ही छोड़ दिया जाता है।








