ध्वजारोहण के साथ भव्यता से पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का हुआ शुभारंभ

कटनी। व्यक्ति की महानता का पेमाना हमारे द्वारा की गई उसकी पूजा अर्चना नही महान वह है जो अपने आश्रित को भी अपने समकक्ष बनाने की सोच रखता है। वह धनवान क्या अर्थ जो अपने आश्रित को धनिक ना बने सके परमात्मा पूज्य इसलिय हुए उन्होने ऐसा मार्ग प्रशस्त किया जिसके वे पथिक बने हमे भी अनुगामी बनने की प्रेरणा दी महान आत्माओ का दर्शन पूजन हमारे लिए मंगलकारी हे इसलिए क्योकि उनका जीवन भी मंगलमय हो चुका है। अपने मंगल के लिए वे हमारे आराद्य है, पूज्य है, उक्ताशय के सारगर्भित उद्गार मुनि पुंगव सुधासागर जी महाराज निर्यापक मुनि प्रसाद सागर जी ने बहोरीबंद में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिवस धर्म सभा मे व्यक्त किये। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिवस प्रातः प्रभात फेरी नगर भ्रमण के लिए निकल गई, तत्पश्चात मुनि श्री संघ के सानिध्य में ध्वजारोहण के साथ महोत्सव का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया जी के सानिध्य में महा महोत्सव में सम्मिलित पात्रों का सकलीकरण शुद्धी दोपहर मे यागमंडल विधान तथा संध्या आरती के कार्यक्रम संपन्न हुए।








