रीठी में माला मौसी की भूख हड़ताल खत्म, 7 दिन में कार्रवाई का आश्वासन, रीठी स्वास्थ्य केंद्र की अनियमितताओं को लेकर बैठी थी अनशन में
कटनी। जिले की रीठी तहसील में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य माला मौसी द्वारा शुरू की गई भूख हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई। करीब 27 घंटे तक चले आंदोलन के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हरकत में आया। प्रभारी बीएमओ ने एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद माला मौसी ने अपना अनशन खत्म कर दिया।
27 घंटे बाद जागा प्रशासन, आश्वासन पर टूटा अनशन
कटनी जिले की रीठी तहसील स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने जिला पंचायत सदस्य माला मौसी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी थीं। उनकी प्रमुख मांग अस्पताल में वर्षों से जमे कर्मचारियों को हटाने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने की थी। माला मौसी का आरोप था कि अस्पताल की लापरवाहियों और अव्यवस्थाओं को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने दिया साथ
माला मौसी के समर्थन में कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी धरना स्थल पर पहुंचे। समर्थन देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष अजय गोटिया, बहोरीबंद जनपद अध्यक्ष लाल कमल बंसल, जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक-14 प्रेमलाल केवट, पटोहा सरपंच नरेश राय, जनपद पंचायत सदस्य राधे यादव, पंच विजय यादव, शल्लु गौतम, राजेश हल्दकार और पूर्व पंच कमलेश पटेल सहित बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
चेतावनी- मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज
धरना स्थल पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। प्रदेश अध्यक्ष अजय गोटिया ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रभारी बीएमओ ने दिया भरोसा, एक सप्ताह में होगी कार्रवाई
करीब 27 घंटे बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। गुरुवार दोपहर प्रभारी बीएमओ ने माला मौसी से चर्चा की और उनकी मांगों पर विचार करते हुए सात दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश और लिखित भरोसे के बाद माला मौसी ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
माला मौसी, जिला पंचायत सदस्य
हमारी मांग सिर्फ अस्पताल की व्यवस्था सुधारने और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने की है। प्रशासन ने सात दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया है, इसलिए फिलहाल हमने भूख हड़ताल समाप्त की है। रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन फिलहाल आश्वासन के साथ खत्म हो गया है। अब सभी की नजर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की उस कार्रवाई पर है, जिसका वादा अगले सात दिनों के भीतर किया गया है।








