नगरीय निकायों के पार्षदों और सरपंचों को दिया गया आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, आपदा आने पर लोगों तक त्वरित मदद पहुंचाने के दिये गये टिप्स, महापौर, कलेक्टर और जिला पंचायत अध्यक्ष की रही मौजूदगी

कटनी। आपात आपदा की स्थिति में कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी हैं, सायरन बजने पर क्या करना है, मौके पर उपलब्ध संसाधनों से घायलों की कैसे मदद करनी है, रासायनिक व जैविक हमलों से कैसे बचना है। आपात स्थिति निर्मित होने पर अपनाई जाने वाली सावधानियां एवं जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने से संबंधित तमाम नागरिक सुरक्षा बारीकियों की जानकारी कलेक्टर दिलीप कुमार यादव की पहल पर बुधवार को बस स्टैंड स्थित नगर निगम ऑडिटोरियम में आयोजित हुए प्रशिक्षण के दौरान दी गई।
इस दौरान महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, कलेक्टर दिलीप कुमार यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मेहरा, जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत और नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, संयुक्त कलेक्टर संस्कृति शर्मा एवं निगमायुक्त नीलेश दुबे और विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षक तथा नगर निगम व नगर पंचायतों के पार्षदगण और ग्राम पंचायतों के सरपंचों के अलावा प्राचार्य महिला महाविद्यालय चित्रा प्रभात, वनश्री कुर्वेती महिला बाल विकास, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ की खास मौजूदगी रही।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसडीआरएफ की टीम ने जीवंत प्रदर्शन कर आपदा के समय लोगों को बचाने के उपाय समझाए। साथ ही वीडियो क्लिपिंग के माध्यम से नागरिक सुरक्षा व आपदा प्रबंधन के समय बरती जाने वाली सावधानियों और सतर्कता से संबंधित जानकारी दी गई। रासायनिक व जैविक हमलों से बचाव पर प्रजेंटेशन भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिया गया।
सजग प्रहरी की निभाएँ भूमिका : कलेक्टर श्री यादव
कलेक्टर श्री यादव ने इस अवसर पर आह्वान किया कि हम सब संयमित पर सतर्क रहकर सजग प्रहरी की भूमिका निभाएँ, जिससे आपात स्थिति आने पर हम नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में जनप्रतिनिधियों की भूमिका बढ़ जाती है। कलेक्टर ने कहा कि आपातकालीन स्थिति से संबंधित दी जा रही आज की जानकारी सभी प्रकार की बाढ, भूकंप आदि की आपदा के दौरान भी सभी के लिए उपयोगी साबित होगी। आपात स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर लोगों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य सेवायें मुहैया कराने के लिये अस्पतालों एवं वहाँ उपलब्ध संसाधनों की से मैपिंग कर ली गई है। इसी तरह जरूरत पड़ने पर लोगों को आश्रय स्थल (शेल्टर) भी चिन्हित कर लिए गए हैं।
कलेक्टर श्री यादव ने प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी कि सम्पूर्ण शहर में जरूरत पड़ने पर सायरन के माध्यम से लोगों को सतर्क व सचेत किया जा सके, इसके लिये सभी वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थल चिन्हित कर सायरन आदि का इंतजाम किया गया है। बहुत से अस्पतालों व पेट्रोल पंप संचालकों ने भी अपने यहाँ सायरन लगा लिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि शहर की हर कॉलोनी व बसाहट और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने के लिये सिविल डिफेंस वालेंटियर भी नियुक्त किए जा रहे हैं। जो अपने-अपने क्षेत्र में सायरन बजने पर घरों की लाइट बंद करने इत्यादि के लिये लोगों को सतर्क करने में मदद करेंगे। इसी तरह शासन के निर्देशों के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को सिविल डिफेंस वॉलेन्टियर बनाया जायेगा। इसमें खासतौर पर एनसीसी, स्काउट, गाइड, सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर चुके लोगों को प्राथमिकता दी जोयगी। इन सभी को एसडीआरएफ के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिलाया जायेगा।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि यहां सभी चयनित जनप्रतिनिधि मौजूद हैं, इसलिए अफवाह फ़ैलाने वाले और आंतरिक सुरक्षा को क्षति पहुँचाने के लिये राष्ट्र विरोधी गतिविधियां दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस व जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबरों पर दी जाए।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्लाटून कमांडर एसडीईआरएफ श्रीमती श्वेता गुप्ता, प्लाटून कमांकडर होम गार्ड विज्यांश चौधरी द्वार आपदा के दौरान उत्पन्न होनें वाली विभिन्न समस्याओं से निपटने के तरीकों की जानकारी बड़े ही सहज प्रकार से दी गई।वहीं सिविल सर्जन यशवंत वर्मा द्वारा आपदा के दौरान घयलों के उपचार के तौर तरीकों की जानकारियां विस्तार से प्रदान की गई। फायर इंचार्ज नगर निगम शैलेन्द्र दुबे द्वारा अग्नि दुर्घटना के प्रकारों एवं फायर सेफ्टी से संबंधित आवश्यक उपायों एवं दुर्घटना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से उपस्थित जनों को अवगत कराया गया।
घायलों की मदद करने के तरीके बताए
एसडीआरएफ के जवानों ने नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण के दौरान स्ट्रेचर बनाने, घायलों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के विभिन्न तरीके एवं प्राथमिक चिकित्सा देने की विधियों का व्यवहारिक व जीवंत प्रदर्शन करके दिखाया। एसडीआरएफ के जवानों ने कहा कि आम नागरिक भी इन विधियों को अपनाकर आपदा मित्र की भूमिका निभा सकते हैं। आपदा के समय सीपीआर देकर लोगों का जीवन बचाने की बारीकियां भी उन्होंने प्रभावी ढंग से समझाईं। साथ ही बताया कि आपदा की स्थिति में दीवारों के किनारे, टेबल इत्यादि के नीचे सहारा लें। यदि सड़क से जा रहे हों तो पुलों इत्यादि के नीचे वाहन रोककर खड़े हो जाएं।
रासायनिक हमला होने पर बांधें गीला कपड़ा
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि यदि कहीं रासायनिक एवं जैविक हमला हुआ हो तो मुँह पर गीला रूमाल या कपड़ा बांधकर हवा के विपरीत दिशा से निकलना चाहिए। इसके बाद सुरक्षित स्थान पर पहुँचकर साबुन लगाकर अच्छी तरह मुँह-हाथ धोकर नहा लेना चाहिए। मुल्तानी मिट्टी व राख से हाथ व शरीर की सफाई भी अत्यंत कारगर रहती है।
ब्लैकआउट का सायरन बजने पर करें बत्तियाँ बंद
प्रशिक्षण के दौरान खासतौर पर बताया गया कि ब्लैक आउट का सायरन बजते ही घरों की बत्तियाँ बंद कर दें। साथ ही दरवाजों व खिड़कियों के पर्दे डाल दें। प्रयास ऐसे हों कि जरा सी भी रोशनी घर के बाहर नहीं दिखनी चाहिए।
अलग-अलग सायरन
सायरन बजने के तरीके से यह समझा जा सकता है कि खतरे की स्थिति क्या है। यदि लगातार एक मिनट तक तेज आवाज में सायरन बजे, तो यह प्राथमिक चेतावनी होती है, यानी खतरा आ सकता है, सतर्क हो जाएं। यदि सायरन रुक-रुक कर टुकड़ों में बजे, तो यह गंभीर चेतावनी मानी जाती है, यानी खतरा बहुत पास है, तुरंत सुरक्षित जगह पर जाएं। और जब सायरन की आवाज धीमी होते-होते खत्म हो जाए, तो समझिए कि खतरा टल चुका है।
अफवाहों पर न दें ध्यान
प्रशिक्षण में बताया गया कि आपदा के समय में अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के फैलाई गई बातों को किसी अन्य को शेयर न करें। सायरन की आवाज को नजरअंदाज न करें और किसी भी सार्वजनिक स्थल पर भीड़ इकट्ठा न होने दें। ब्लैकआउट और सायरन हमारे जीवन की रक्षा के लिए होते हैं। जब जिला प्रशासन इस तरह के कदम उठाती है, तो वह हमारी भलाई के लिए होता है। ऐसे में आम लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे शांत रहें, सतर्क रहें और दिए गए निर्देशों का पालन करें।
नागरिक सुरक्षा सेवाएं
कार्यशाला के दौरान विजयांश चौधरी प्लाटून कमांडर होम गार्ड द्वारा आपदा के दौरान प्रदान की जानें वाली नागरिक सुरक्षा संबंधी 12 सेवाओं क्रमशः मुख्यालय स्तर पर प्रदान की जानें वाली सेवा, वार्डन सेवा, संचार सेवा, हताहत सेवाख् अग्निशमन सेवा, प्रशिक्षण सेवा, बचाव सेवा, सामग्री वितरण सेवा, सामग्री उद्धार सेवा, कल्याण सेवा, यातायात और परिवहन सेवा सहित निपटारा सेवा तथा इनके प्रभारी के संबध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्लाटून कमांडर श्री विज्यांश द्वारा इन सेवाओं केे आंतर्गत आनें किये जाने वाले कार्याे तथा उनके सफल क्रियान्वयन के तौर तरीकों से भी अवगत कराया गया।








