ग्रीष्म काल में अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए निगम प्रशासन अलर्ट, निगमायुक्त के निर्देश पर फायर सेफ्टी हेतु गठित जांच दल के सदस्यों ने हॉस्पिटल, सिनेमाघर और होटल का किया औचक निरीक्षण
कटनी। ग्रीष्म ऋतु में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु निगम प्रशासन द्वारा म सक्रियता के साथ कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। गत सप्ताह आयोजित समय सीमा की बैठक में निगमायुक्त तपस्या परिहार द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में फायर सेफ्टी जांच हेतु गठित टीम के सदस्यों द्वारा शनिवार को शहर के दो अस्पतालों, सिनेमा घर सहित एक होटल का औचक निरीक्षण कर फायर सेफ्टी तथा निकासी आदि की व्यवस्थाओं की जांच परख मौके पर पहुंचकर की। दौरान कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह, अतिक्रमण प्रभारी मानेंद्र सिंह, प्रभारी फायर अधीक्षक शैलेन्द्र दुबे, अंबिकेश तिवारी सहित गठित दल के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
व्यवस्थाओं का निरीक्षण
कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह ने बताया कि टीम के सदस्यों ने शनिवार को बरगवां स्थित पुष्पांजलि हॉस्पिटल, स्टार रिकवरी हॉस्पिटल,डी एल जे सिनेमा घर सहित होटल अरिंदम का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रतिष्ठानों में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म, फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेट सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग आदि की जांच कर प्रबंधन को एक सप्ताह में दो शिफ्ट के लिए अलग अलग प्रशिक्षित ऑपरेटिंग स्टाफ नियुक्त कराते हुए सुरक्षित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने निर्देश दिए गए।
दस्तावेजों का परीक्षण
फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और फायर ऑडिट से संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान पुष्पांजल हॉस्पिटल एवं स्टार रिकवरी हॉस्पिटल द्वारा ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सोमवार को निगम कार्यालय में ऑडिट रिपोर्ट जमा करने हेतु निर्देशित किया गया। वहीं डीएलजे सिनेमा घर के प्रबंधक द्वारा फायर अप्रूवल होना पाए जाने पर प्रबंधक को शीघ्र एनओसी लेने हेतु निर्देशित किया गया। जबकि होटल अरिंदम में फायर सेफ्टी के निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई।
ये है नियम
कार्यपालन यंत्री श्री सिंह ने बताया कि नए प्रतिष्ठानों के निर्माण से पूर्व नगर निगम से भवन निर्माण अनुमति लेना अनिवार्य है। भवन अनुमति के समय ही फायर प्लान परमिशन के लिए आवेदन करना आवश्यक होता है। व्यवसाय की प्रकृति के अनुसार निरीक्षण कर फायर प्लान का अनुमोदन किया जाता है।
प्रत्येक वर्ष फायर ऑडिट कराना अनिवार्य
उन्होंने आगे बताया कि फायर प्लान के अनुरूप भवन निर्माण पूर्ण होने के बाद नगर निगम द्वारा फायर प्लान का सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, जो तीन वर्षों तक मान्य रहता है। हालांकि इन तीन वर्षों के दौरान प्रत्येक वर्ष फायर ऑडिट कराना अनिवार्य है। तीन वर्ष पूर्ण होने के बाद समकालीन मानकों के अनुसार सेफ्टी सर्टिफिकेट का नवीनीकरण कराना आवश्यक होता है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अग्नि सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी ।








