जवाहर नवोदय विद्यालय बड़वारा पहुंचे कलेक्टर, बोले कलेक्टर छात्रों की कराएं नियमित मेडिकल जांच, मच्छर एवं अन्य कीड़ों से बचाव के लिए स्कूल परिसर में करें दवा का छिड़काव
कटनी। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य हित के मद्देनजर उनकी नियमित मेडिकल जांच करवाएं और मच्छर एवं अन्य कीड़ों से बचाव हेतु दवा का छिड़काव करवाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने यह निर्देश शनिवार को यहां पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय बड़वारा के प्रबंधन समिति एवं विद्यालय सलाहकार समिति की बैठक में दिए।
कलेक्टर श्री तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तहसीलदार बड़वारा, जिला शिक्षा अधिकारी, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बड़वारा, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़वारा प्राचार्य प्रेम प्रकाश एवं उप-प्राचार्य आदित्य प्रताप सिंह, पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय बड़वारा, एवं अभिभावक शिक्षक संघ के शशि भूषण तिवारी एवं आशा लोधी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री तिवारी ने पूर्व में हुई प्रबंधन समिति एवं विद्यालय सलाहकार समिति बैठक में लिए गए निर्णयों और उनके पालन की समीक्षा की। बैठक में आगामी 13 दिसम्बर को होने वाली जवाहर नवोदय विद्यालय चयन प्रवेश परीक्षा जिले के 19 केन्द्रों में कराने और कक्षा-6वीं में प्रवेश लेने हेतु आयोजित कराई जानें वाली इस परीक्षा की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भी कलेक्टर श्री तिवारी को दिए। इसके अलावा 11 केव्ही विद्युत लाइन को विद्यालय परिसर से अन्यत्र स्थानान्तरित करने, समस्त विद्यार्थियों के नियमित मेडिकल जांच करवाने, मच्छर एवं अन्य कीड़ों से बचाव हेतु दवा का छिड़काव करने, नल-जल योजना के तहत विद्यालय में पेय जल की सुविधा हेतु पीएचई को हैंडपंप उपलब्ध करवाने, कक्षाओं के संचालन हेतु कक्ष का निर्माण, खेल मैदान में रनिंग ट्रैक एवं मनरेगा से खेल मैदान समतलीकरण हेतु बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
विद्यालय परिसर के अन्दर एवं परिसर से मुख्य बड़वारा मार्ग तक सड़क निर्माण कराने एवं दिन- प्रति-दिन का कचरा ले जाने हेतु बडवारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को समुचित व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया गया।
इसके साथ ही कलेक्टर श्री तिवारी ने
जवाहर नवोदय विद्यालय में विद्यार्थियों के सदनों का भ्रमण किया और विद्यालय में चल रही विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए विद्यालय के उत्तरोत्तर विकास हेतु जरूरी दिशा-निर्देश दिए।








