स्लीमनाबाद में कल देश की सबसे लंबी जल-सुरंग का निरीक्षण करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विंध्य को मिलेगी नर्मदा जल की सौगात
कटनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को कटनी जिले की स्लीमनाबाद जल-सुरंग का निरीक्षण करेंगे। करीब 11.952 किलोमीटर लंबी यह सुरंग देश की सबसे लंबी और तकनीकी रूप से जटिल जल-सुरंगों में शामिल है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद नर्मदा का जल गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी फ्लो) के माध्यम से विंध्य क्षेत्र तक पहुंचेगा, जिससे जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के लगभग 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। करीब 17 वर्षों से निर्माणाधीन इस परियोजना को अब अंतिम चरण में पहुंचा दिया गया है। परियोजना के तहत मुख्य जल-सुरंग और ओपन कट नहर का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य तेजी से जारी है।
निर्माण के दौरान भू-गर्भीय चुनौतियां, भारी जल रिसाव और कठोर चट्टानों जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद अत्याधुनिक तकनीक और विशेष इंजीनियरिंग उपायों की मदद से सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया गया। लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के चालू होने से क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में बड़ा विस्तार होगा। सरकार के अनुसार चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2027 तक एक लाख 54 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्लीमनाबाद दौरा परियोजना की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने पर विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए नर्मदा जल उपलब्ध होगा, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।








