मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने से लोकतंत्र पर प्रहार, कांग्रेस पदाधिकारियों ने जताई कड़ी आपत्ति

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने से लोकतंत्र पर प्रहार, कांग्रेस पदाधिकारियों ने जताई कड़ी आपत्ति

कटनी। जिला कांग्रेस कार्यालय में रविवार को कांग्रेस द्वारा एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई, जिसमें राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लेकर पार्टी ने गंभीर आपत्ति जताई। पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कुंवर सौरभ सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला, जिला प्रभारी मनु मिश्रा और महिला कांग्रेस प्रभारी विजयलक्ष्मी मिश्रा मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना केवल एक उम्मीदवार के साथ अन्याय नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार है। उनका कहना था कि जिस प्रकार की आपत्तियों और कानूनी व्याख्याओं के आधार पर नामांकन रद्द किया गया है, उससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुंवर सौरभ सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व लगातार यह सवाल उठा रहा है कि क्या चुनावी प्रक्रिया कानून के अनुरूप संचालित होगी या फिर राजनीतिक दबावों के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला ने कहा कि जिस निजी परिवाद का उल्लेख किया गया है, उसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं, बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्शाया गया है। प्रतिवादी और अभियुक्त की कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है और दोनों को समान मानना गंभीर कानूनी प्रश्न खड़े करता है।
जिला प्रभारी मनु मिश्रा ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33ए और फॉर्म-26 का उद्देश्य केवल उन मामलों की जानकारी प्राप्त करना है, जिनमें उम्मीदवार के विरुद्ध विधिवत आपराधिक कार्यवाही चल रही हो। कांग्रेस का मानना है कि नामांकन निरस्त करने का जो आधार बनाया गया, वह इन प्रावधानों की भावना और कानूनी व्याख्या से मेल नहीं खाता। पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

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Author: RashtraRakshak

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