सन्त नगर कटनी की बिटिया कल्याणी को राष्ट्रपति के करकमलों से मिले दो स्वर्ण पदक, जिले का बढ़ा मान

सन्त नगर कटनी की बिटिया कल्याणी को राष्ट्रपति के करकमलों से मिले दो स्वर्ण पदक, जिले का बढ़ा मान

कटनी। सन्त नगर कटनी की प्रतिभाशाली बेटी कल्याणी त्रिपाठी ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि से न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे कटनी जिले का नाम गौरवान्वित किया है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में आयोजित 36वें दीक्षांत समारोह में भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से कल्याणी त्रिपाठी को दो स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय परिसर में 21 जून को आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, स्थानीय सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
दीक्षांत समारोह में वर्ष 2021 एवं 2022 की परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 141 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 240 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। प्रोटोकॉल एवं व्यस्तता को देखते हुए महामहिम राष्ट्रपति ने दो या उससे अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले 20 मेधावी विद्यार्थियों को स्वयं मंच पर स्वर्ण पदक पहनाकर सम्मानित किया। सन्त नगर निवासी, वन विभाग से सेवानिवृत्त रेंजर श्रीमती ऊषा ओमकार त्रिपाठी की पौत्री तथा श्रीमती सुधा एवं संजय त्रिपाठी की सुपुत्री कल्याणी त्रिपाठी को वर्ष 2021 में एम.ए. संस्कृत में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर स्वर्गीय पंडित बेनी प्रसाद त्रिवेदी स्वर्ण पदक एवं स्वर्गीय पंडित फूलचन्द्र मिश्रा स्मृति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। विशेष बात यह है कि कल्याणी ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद कम्प्यूटर विज्ञान विषय से बीएससी की पढ़ाई की थी। विवाह उपरांत ससुराल के संस्कृतनिष्ठ वातावरण तथा श्रीमठ काशी की प्रेरणा से उन्होंने संस्कृत विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई प्रारंभ की और अथक परिश्रम से यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
कल्याणी का विवाह जबलपुर जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम माला कलाँ निवासी स्वर्गीय पंडित शंकर लाल मिश्रा के परिवार में हुआ है। उनके पति डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापक हैं तथा वर्तमान में श्री गंगाधर मैठाणी राजकीय महाविद्यालय, गुप्तकाशी (रुद्रप्रयाग) में संस्कृत विभागाध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं उनके देवर अनुज कुमार मिश्रा सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में साहित्य विभाग में सहायक प्राध्यापक (अस्थायी) के रूप में कार्यरत हैं। स्वयं कल्याणी भी माँ ललिता वेद-वेदांग पीठ, नाला गुप्तकाशी में व्याकरण विषय का अध्यापन कर रही हैं। कल्याणी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर परिवार सहित समूचे क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। एमपीवी से सेवानिवृत्त उनके नाना मथुरा प्रसाद शुक्ला तथा श्रीमठ के उत्तराधिकारी राघवदास जी महाराज सहित अनेक गणमान्यजनों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया है।

RashtraRakshak
Author: RashtraRakshak

Recent Post