जंतर-मंतर पर गूंजीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मांगें, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन

जंतर-मंतर पर गूंजीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मांगें, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन

कटनी। अखिल भारतीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ एवं मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया तथा प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला शाखा कटनी के जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके ने बताया कि यह प्रदर्शन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. गणेशन की अध्यक्षता तथा राष्ट्रीय मुख्य महासचिव एवं मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष महेंद्र शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 8वें वेतन आयोग में ग्रुप-डी कर्मचारियों के वेतन में 40 प्रतिशत वृद्धि, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, श्रम विरोधी कानूनों की वापसी, सभी राज्यों में ग्रुप-डी की सीधी भर्ती, आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने और 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके दैनिक वेतनभोगी एवं अंशकालीन कर्मचारियों को नियमित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा-ऊषा कार्यकर्ता, कोटवार एवं रसोइया बहनों को न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
कार्यक्रम का संचालन संघ के प्रांतीय महामंत्री अजय दुबे ने किया। इस दौरान अखिल भारतीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी दर्शन सिंह लाभाना, रामराज्य दुबे, बी.एम. नटराजन, वेंकट राजू, सुरेश यादव एवं सुधीर भार्गव सहित विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी उपस्थित रहे। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ की ओर से रामकुंडल सेन, कमलेश पटेल, विपिन पिपरे, पूर्णेश उइके, नरेश सिंह कुलस्ते, डी.आर. वाघमारे, वैद्यनाथन अय्यर, ओम प्रकाश, देवेंद्र पटेल, प्रेम नारायण ठाकुर, धर्मेंद्र राज, हरीश बेन एवं शैलेन्द्र अहिरवार समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं सदस्य शामिल हुए। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

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Author: RashtraRakshak

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