जिला प्रशासन की सजगता और सतर्कता से रूका बाल विवाह, सीजीएम न्यायालय द्वारा व्यादेश (इंजंक्शन ऑर्डर) जारी

कटनी। कटनी शहर के माधव नगर क्षेत्र में सोमवार को होने जा रहे बाल विवाह को कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा गठित महिला एवं बाल विकास एवं राजस्‍व विभाग की संयुक्‍त कोर टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए रोक दिया। साथ ही न्यायालय द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 अंतर्गत व्यादेश भी जारी किया गया।
महिला एवं बाल विकास और राजस्व की संयुक्त टीम ने की कार्यवाही
महिला एवं बाल विकास विभाग कटनी को चाइल्ड हेल्प लाइन के माध्यम से कटनी शहर अंतर्गत माधव नगर क्षेत्र में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जाँच की गई। बालिका की आयु सम्बन्धी दस्तावेजों की जाँच से पाया गया कि बालिका की आयु 18 वर्ष से कम है। परिजनों को समझाया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह बाल विवाह है। ऐसा करना कानूनन अपराध है। मौके पर पंचनामा भी तैयार किया गया। प्रशासनिक टीम द्वारा समझाये जाने पर परिजन सहमत हो गये कि वे 18 वर्ष से पूर्व बालिका का विवाह नहीं करेंगे। संयुक्त टीम में वनश्री कुर्वेती, सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास, कटनी, आकाश नीरज, तहसीलदार कटनी, मनीष तिवारी, बाल संरक्षण अधिकारी, शैली तिवारी, प्रभारी प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर, कटनी, प्रीती उपाध्याय, प्रभारी परियोजना अधिकारी, कटनी शहरी एवं दुर्गेश, सदस्य, बाल कल्याण समिति, कटनी सम्मिलित रहे।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम अंतर्गत व्यादेश जारी
प्रभारी परियोजना अधिकारी कटनी शहरी एवं पदेन बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी द्वारा सीजीएम न्यायालय कटनी में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 13 अंतर्गत व्यादेश जारी करने का आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन पर न्यायालय द्वारा बालिका का बाल विवाह रोके जाने सम्बन्धी व्यादेश जारी किया गया।

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Author: RashtraRakshak

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