वार्डन नियुक्ति में गंभीर अनियमितता का आरोप, दोषी शिक्षिका पर सख्त कार्रवाई की मांग, जांच के नाम पर लीपापोती
कटनी। शिकायतकर्ता गोविन्द लोधी द्वारा छात्रावास वार्डन नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं एवं जांच में लीपापोती किए जाने का आरोप लगाते हुए पुनः विभागीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने पूर्व में 30 जून 2024 को संबंधित मामले में शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर विभागीय जांच बैठाई गई थी, जबकि उस समय वार्डन नियुक्ति प्रक्रिया प्रचलन में थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा उनके बयान लिए बिना ही संबंधित कंचन खरे की विभागीय जांच समाप्त कर उन्हें वार्डन नियुक्त कर दिया गया, जो नियम विरुद्ध एवं गलत था।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुनः 8 जुलाई 2024 को दूसरी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वर्तमान में पदस्थ प्रभारी डीओं (जिला कार्यालय) श्री अग्रहरी द्वारा इस शिकायत पर भी लीपापोती करते हुए कंचन खरे को निर्दोष घोषित कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने पुनः जांच एवं परीक्षण कराए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया, जिसके बाद जिला कार्यालय से आदेश जारी कर मामला विकासखंड शिक्षा अधिकारी बड़वारा को भेजा गया।
उत्तर पुस्तिकाओं में लेखनी मिलान से सामने आया मामला
विकासखंड शिक्षा अधिकारी बड़वारा द्वारा गंभीरता से जांच करते हुए सत्र 2023-24 की वार्षिक परीक्षा में कक्षा 5वीं की उत्तर पुस्तिकाएं खोजी गईं। जांच के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान करने पर यह पाया गया कि उत्तर पुस्तिकाओं की लेखनी संबंधित शिक्षिका कंचन खरे की लेखनी से मेल खाती है।
प्रारंभिक जांच में शिकायतकर्ता की शिकायत को सही मानते हुए संबंधित शिक्षिका को दोषी पाया गया।
नाम मात्र की सजा देने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोषी पाए जाने के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा केवल वेतन वृद्धि रोकने जैसी नाम मात्र की सजा दी गई, जो नियम अनुसार उचित नहीं है। वार्डन पद से हटाने और विभागीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता गोविन्द लोधी ने मांग की है कि दोषी शिक्षिका को तत्काल छात्रावास के प्रभार से हटाया जाए एवं उसके विरुद्ध पुनः विस्तृत विभागीय जांच कराई जाए। इसी मांग को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा आज 4 फरवरी 2026 को एक आवेदन उच्च मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी सौंपा गया है।








