कवियों ने जेल में बंदियों के बीच जगाई राष्ट्र प्रेम की अलख, गूंजे देश भक्ति के तराने, कविताओं, गजलों और गीत के माध्यम से आयोजन में लगे चार चांद

कवियों ने जेल में बंदियों के बीच जगाई राष्ट्र प्रेम की अलख, गूंजे देश भक्ति के तराने, कविताओं, गजलों और गीत के माध्यम से आयोजन में लगे चार चांद

कटनी। गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय पर्व के रूप में सम्पूर्ण देश में मनाया गया और जगह जगह देश भक्ति से ओत प्रोत आयोजन भी हुए। इसी क्रम में साहित्यिक संस्था कटनी काव्य कलश द्वारा जेल में बंदियों के बीच गणतंत्र दिवस का पर्व मनाया गया। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या में कटनी काव्य कलश के कवियों ने नागौद स्थित उपजेल में एक से बढ़कर एक शानदार रचनाएं पढ़कर कैदियों के बीच राष्ट्र प्रेम की अलख जगाई। देश भक्ति से ओत प्रोत आयोजन में कटनी काव्य कलश के अध्यक्ष मकसूद खान नियाजी, कवि घनश्याम बेलानी गुलाब, कवि अजय त्रिपाठी, कवि ध्रुव यादव, अधिवक्ता प्रगति सोनी, अधिवक्ता मुख्तार सिद्दीकी, समाजसेवी प्रभास तिवारी, जेलर कमलेश राय, प्रभा सोनी आदि की उपस्थिति थी। वहीं गणतंत्र दिवस के अवसर पर झिंझरी उपजेल में कवि सम्मेलन का आयोजन कटनी काव्य कलश के तत्वावधान में किया गया। रचनाकारों और जेल के अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की गति प्रदान की गई। कार्यक्रम की कड़ी में कवि घनश्याम बेलानी गुलाब द्वारा सरस्वती वंदना का पाठ किया गया। इसके बाद ध्रुव यादव, अर्चना सोनी, राकेश गर्ग, अजय त्रिपाठी, श्रद्धांजलि शुक्ला, उषा पांडेय, एमके नियाजी आदि कवियों ने बंदियों के बीच देश भक्ति से सराबोर रचनाएं पढ़कर तालियां बटोरीं। जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने भी शानदार गजल पढ़कर वातावरण को मनमोहक बनाया, इस अवसर पर शिक्षिका दीप्ति श्रीवास्तव, सह जेल अधीक्षक अरविंद कुमार शाह व स्टॉफ की उपस्थिति थी।

RashtraRakshak
Author: RashtraRakshak

Recent Post