कांग्रेस पार्षद का नाम वोटर लिस्ट से काटने की साजिश, मिथलेश जैन ने किया खुलासा

कटनी। विधानसभा की मतदाता सूची से फर्जी व कूट रचित आवेदन देकर अवैधानिक रूप से नाम काटने की प्रकिया में एक और नया मोड़ आ गया है, जिसके अनुसार ईश्वरीपुरा वार्ड के मतदान केन्द्र से पार्षद अजरा शाहीन एवं उसके परिवार सहित 300 से ज्यादा मतदाताओं के नाम काटने का आवेदन किसी प्रतीक बर्मन व अन्यों के नाम से दिया गया है। यह आवेदन कन्ट्रोल रुम के माध्यम से वार्ड के बी.एल.ओ. तक पहुंचे हैं।
नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद एवं जिला शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिथलेश जैन एडवोकेट द्वारा कल पत्रकार वार्ता के माध्यम से मतदाता सूची से नाम कटाने की फर्जी कार्यवाही उजागर करने एवं इस संबंध में साथियों सहित जिला निर्वाचन अधिकारी, कलेक्टर को ज्ञापन देने की बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और ऐसा पता चला है कि अनुविभागीय अधिकारी एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्देश पर बी.एल.ओ. को कहा गया है कि उन्हें नाम कटवाने के दिये गये फार्म, बिना कार्यवाही के वापिस कर दिये जावे।
ईश्वरीपुरा वार्ड से संबंधित ऐसे फार्म वापिस लेने हेतु तहसीलदार श्री श्रीवास्वत एवं सुपरवाईजार विवेक श्रीवास्तव, पुरवार पुत्री शाला पहुँचे। इसकी जानकारी मिलते ही मिथलेश जैन एडवोकेट अपने साथी श्री रमेश सोनी, दानिश अहमद, गुलाम जाफर, मोहसिन खान सहित वहाँ पहुँचे और उन्होंने मांग की कि सबसे पहले आपत्तिकर्ता प्रतीक बर्मन को बुलाया जावे क्योंकि प्रतीक बर्मन के अनुसार वह पिछले 06 महीनों से बाम्बे में नौकरी कर रहा था तथा एक दिन पहले ही वह ग्राम पहाडी पहुँचा है। उसके द्वारा ईश्वरीपुरा वार्ड की पार्षद अजरा शाहीन का वह अन्य मतदाताओं का नाम काटने हेतु कोई आवेदन नहीं दिया है। मिथलेश जैन एडवोकेट के द्वारा यह भी मांग की गई है कि चूँकि बी.एल.ओ. को आवेदन प्राप्त हुए हैं. ऐसी स्थिति में पंचनामा बनाकर जांच की जाना चाहिए ताकि सत्यता सामने आ सके और झूठा आवेदन डलवाने वालों के विरुद्ध एफ.आई.आर दर्ज करने की मांग की गई। इस पर तहसीलदार द्वारा बी.एल.ओ. को निर्देश दिये गये कि फार्मों की जाँच की जाये और कार्यवाही की जाये।
मिथलेश जैन एडवोकेट द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की गई है कि समय सीमा के अंदर पूरे विधानसभा में दिये गये आपत्ति आवेदनों के आपत्तिकर्ताओं को बुलाकर उनसे पूछताछ की जाये और जिन भी व्यक्तियों द्वारा फर्जी कार्यवाही करते हुए पात्र मतदाताओं के नाम काटने हेतु आवेदन दिये गये हैं, उनके विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराई जावे अन्यथा वे म.प्र हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सी.बी.आई. से जाँच की मांग करेंगे।

RashtraRakshak
Author: RashtraRakshak

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *