4.26 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, बिलहरी पुलिस ने मुंबई से आरोपी दबोचा
कटनी। जिले में बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए बिलहरी पुलिस ने 4.26 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी लेनदेन के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने के एवज में कमीशन लेता था।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर जिले में धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं थाना प्रभारी कुठला राजेंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय व उनकी टीम ने आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
क्या है पूरा मामला
रोशन नगर निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आर्यवत शिक्षा समिति के नाम पर डोनेशन दिलाने का झांसा देकर संस्था के एक्सिस बैंक खाते का उपयोग किया गया और उसमें 4.26 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन कर धोखाधड़ी की गई। इस पर थाना कुठला में अपराध क्रमांक 99/26, धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मुंबई से ऐसे पकड़ा गया आरोपी
जांच के दौरान जिस बैंक खाते से धोखाधड़ी हुई, उससे जुड़े मोबाइल नंबर और डिवाइस के आधार पर पुलिस ने मुंबई के अंधेरी ईस्ट स्थित पूनम नगर निवासी आरोपी अभिषेक नार्कर (25) को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसे उसके साथियों प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार ने इस काम में लगाया था। उसे होटल में मोबाइल लेकर रुकने के बदले साप्ताहिक 15,000 और मासिक 60,000 रुपये देने का लालच दिया गया था, जहां उस मोबाइल के जरिए साइबर फ्रॉड की रकम ट्रांसफर की जाती थी।
मुख्य आरोपी फरार, दुबई में होने की सूचना
मामले के मुख्य आरोपी प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार के खिलाफ देशभर में करीब 54 धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज हैं। दोनों फिलहाल फरार हैं और उनके दुबई में होने की जानकारी सामने आई है। मुंबई पुलिस द्वारा इनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी अभिषेक नार्कर को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेंद्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक दामोदर राव, प्रधान आरक्षक संतोष प्रजापति एवं आरक्षक लव उपाध्याय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








