????भू माफिया???? जमीन पर कब्जा किसी और का कागज में कोई और बन गया मालिक, अजब है माधव नगर के सीट नंबर 8 के प्लाट नंबर 292 की कहानी

????भू माफिया????

जमीन पर कब्जा किसी और का कागज में कोई और बन गया मालिक, अजब है माधव नगर के सीट नंबर 8 के प्लाट नंबर 292 की कहानी

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कटनी। पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए सिंधी परिवारों को बसाने के लिए आजादी के बाद माधव नगर में जमीन देते हुए पट्टे प्रदान किए गए थे। उन्हीं विस्थापितों में शामिल देवी बाई पति स्वर्गीय ठाकुरदास उदासी को शासन द्वारा 1800 वर्ग फुट जमीन का टुकड़ा देते हुए पट्टा प्रदान किया गया। आर्थिक स्थिति खराब होने और पैसों की आवश्यकता के चलते देवी बाई ने 1978 में शासन से मिली उस भूमि को 5000 में बेच दिया। जिस जमीन को दादी 1978 में बेच चुकी अब उस जमीन को हथियाने के लिए उसके दत्तक पोते ने अधिकारियों से साठगांठ करते हुए षड्यंत्र रचा है। दत्तक पोते के द्वारा वर्षों से जमीन पर कब्जा करके रह रहे एक परिवार को हटाने के लिए पूरी तरह दबंगई की जा रही है। यहां पर हो रही दबंगई की शिकायत प्लांट के कब्जेदार पीड़ित परिवार ने माधव नगर थाने में भी की है। पीड़ित परिवार ने कहा कि जमीन को हथियाने के लिए दत्तक पोते के द्वारा शासन को गुमराह करते हुए बिकी हुई जमीन का अपने नाम पर नामांतरण करा लिया गया है। वास्तविकता में आज भी पीड़ित परिवार उस जमीन पर काबिज है मगर दस्तावेजों में जमीन कब षड्यंत्रकारी दत्तक पोते के नाम पर चढ़ गई इसका उन्हें पता तक नहीं चला। दस्तावेजों में अपने नाम पर जमीन दर्ज करने के बाद अब वह कब्जीदारों को वहां से हटाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है।

यह है मामला

मुड़वारा तहसील के अंतर्गत पडरवारा पटवारी हल्के के बाबा नारायण शाह वार्ड स्थित सीट नंबर 8 के प्लाट नंबर 292 के 1800 वर्ग फुट रकबे में से 810 वर्ग फुट जमीन कुलदीप छाबड़ा के पिता ईश्वर दास छाबड़ा ने लगभग 30 वर्ष पूर्व किशन चंद डेरी वाले से खरीदी थी। जानकारी देते हुए ईश्वर दास छाबड़ा ने कहा कि देवी बाई उदासी ने 1978 में पट्टे में मिली 1800 वर्ग फुट जमीन को किशन चंद डेयरी वाले को बेच दी थी। लगभग 30 वर्ष पहले किशन चंद से उसने इस जमीन को खरीदा। इस जमीन पर पिछले 30 वर्षों से उसका व उसके बेटे का कब्जा है और बाकायदा निस्तार भी कर रहे हैं। इतने सालों के बाद अब देवीबाई के दत्तक पोते समदड़िया सिटी माधव नगर निवासी 50 वर्षीय हरेश कुमार उदासी पिता सुंदरलाल उदासी के द्वारा प्लॉट में जबरदस्ती कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उक्त व्यक्ति के द्वारा गॉली गलौज कर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।

पट्टे के लिए किया आवेदन

कुलदीप छाबड़ा का कहना है की  म.प्र. शासन द्वारा धारणाधिकार नीति के अंतर्गत् नजूल भूमि पर कब्जाधारियों को पट्टा दिये जाने की योजना बनाई गई है। जिसके अंतर्गत उसने कलेक्टर कटनी को आवेदन क्रमांक 07512805- एपीपी- 18600302 दिनांक 30-07-2023 एवं उसकी पत्नी श्रीमती रिद्धी छाबड़ा ने आवेदन कमांक 07512805- एपीपी- 18600290 दिनांक 30-07-2023 को दिया है। जिसमें पट्टा मिलने की कार्यवाही लंबित है। इतना सब होने के बावजूद उक्त व्यक्ति के द्वारा लगातार हमें व हमारे पूरे परिवार को परेशान करते हुए षडयंत्र पूर्वक कार्यवाही की जा रही है।

????भू माफिया????
जमीन पर कब्जा किसी और का कागज में कोई और बन गया मालिक, अजब है माधव नगर के सीट नंबर 8 के प्लाट नंबर 292 की कहानी

कटनी। पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए सिंधी परिवारों को बसाने के लिए आजादी के बाद माधव नगर में जमीन देते हुए पट्टे प्रदान किए गए थे। उन्हीं विस्थापितों में शामिल देवी बाई पति स्वर्गीय ठाकुरदास उदासी को शासन द्वारा 1800 वर्ग फुट जमीन का टुकड़ा देते हुए पट्टा प्रदान किया गया। आर्थिक स्थिति खराब होने और पैसों की आवश्यकता के चलते देवी बाई ने 1978 में शासन से मिली उस भूमि को 5000 में बेच दिया। जिस जमीन को दादी 1978 में बेच चुकी अब उस जमीन को हथियाने के लिए उसके दत्तक पोते ने अधिकारियों से साठगांठ करते हुए षड्यंत्र रचा है। दत्तक पोते के द्वारा वर्षों से जमीन पर कब्जा करके रह रहे एक परिवार को हटाने के लिए पूरी तरह दबंगई की जा रही है। यहां पर हो रही दबंगई की शिकायत प्लांट के कब्जेदार पीड़ित परिवार ने माधव नगर थाने में भी की है। पीड़ित परिवार ने कहा कि जमीन को हथियाने के लिए दत्तक पोते के द्वारा शासन को गुमराह करते हुए बिकी हुई जमीन का अपने नाम पर नामांतरण करा लिया गया है। वास्तविकता में आज भी पीड़ित परिवार उस जमीन पर काबिज है मगर दस्तावेजों में जमीन कब षड्यंत्रकारी दत्तक पोते के नाम पर चढ़ गई इसका उन्हें पता तक नहीं चला। दस्तावेजों में अपने नाम पर जमीन दर्ज करने के बाद अब वह कब्जीदारों को वहां से हटाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है।
यह है मामला
मुड़वारा तहसील के अंतर्गत पडरवारा पटवारी हल्के के बाबा नारायण शाह वार्ड स्थित सीट नंबर 8 के प्लाट नंबर 292 के 1800 वर्ग फुट रकबे में से 810 वर्ग फुट जमीन कुलदीप छाबड़ा के पिता ईश्वर दास छाबड़ा ने लगभग 30 वर्ष पूर्व किशन चंद डेरी वाले से खरीदी थी। जानकारी देते हुए ईश्वर दास छाबड़ा ने कहा कि देवी बाई उदासी ने 1978 में पट्टे में मिली 1800 वर्ग फुट जमीन को किशन चंद डेयरी वाले को बेच दी थी। लगभग 30 वर्ष पहले किशन चंद से उसने इस जमीन को खरीदा। इस जमीन पर पिछले 30 वर्षों से उसका व उसके बेटे का कब्जा है और बाकायदा निस्तार भी कर रहे हैं। इतने सालों के बाद अब देवीबाई के दत्तक पोते समदड़िया सिटी माधव नगर निवासी 50 वर्षीय हरेश कुमार उदासी पिता सुंदरलाल उदासी के द्वारा प्लॉट में जबरदस्ती कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उक्त व्यक्ति के द्वारा गॉली गलौज कर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।
पट्टे के लिए किया आवेदन
कुलदीप छाबड़ा का कहना है की म.प्र. शासन द्वारा धारणाधिकार नीति के अंतर्गत् नजूल भूमि पर कब्जाधारियों को पट्टा दिये जाने की योजना बनाई गई है। जिसके अंतर्गत उसने कलेक्टर कटनी को आवेदन क्रमांक 07512805- एपीपी- 18600302 दिनांक 30-07-2023 एवं उसकी पत्नी श्रीमती रिद्धी छाबड़ा ने आवेदन कमांक 07512805- एपीपी- 18600290 दिनांक 30-07-2023 को दिया है। जिसमें पट्टा मिलने की कार्यवाही लंबित है। इतना सब होने के बावजूद उक्त व्यक्ति के द्वारा लगातार हमें व हमारे पूरे परिवार को परेशान करते हुए षडयंत्र पूर्वक कार्यवाही की जा रही है।

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Author: RashtraRakshak

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