पालतू कुत्तों की मदद से किया चीतल का शिकार, कर रहे थे पार्टी, वन्य प्राणी का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को वन विभाग ने दबोचा, तीन फरार
कटनी। वन्य प्राणियों के संरक्षण की दिशा में वन विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत अवैध शिकार के एक गंभीर मामले में वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुछ लोगों ने पालतू कुत्तों की मदद से चीतल का शिकार किया और उसके बाद पार्टी मना रहे थे, लेकिन इस बीच वन विभाग की टीम ने दबिश दी और तीन आरोपियों को दबोच लिया।
घटना 28 फरवरी 2026 की रात्रि लगभग 10 बजे की है। विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बरहटा के कक्ष क्रमांक RF-47 में कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने पालतू कुत्तों की मदद से संरक्षित वन्य प्राणी चीतल का अवैध शिकार किया। जब इस बात की सूचना वन विभाग की मिली तो वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हो गए। फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार खोज अभियान जारी है।
इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को 2 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। वन विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा कि वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अवैध शिकार जैसी गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी वन्य जीव अपराध की जानकारी मिले, तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
पालतू कुत्तों की मदद से किया चीतल का शिकार, कर रहे थे पार्टी, वन्य प्राणी का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को वन विभाग ने दबोचा, तीन फरार
कटनी। वन्य प्राणियों के संरक्षण की दिशा में वन विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत अवैध शिकार के एक गंभीर मामले में वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुछ लोगों ने पालतू कुत्तों की मदद से चीतल का शिकार किया और उसके बाद पार्टी मना रहे थे, लेकिन इस बीच वन विभाग की टीम ने दबिश दी और तीन आरोपियों को दबोच लिया।
घटना 28 फरवरी 2026 की रात्रि लगभग 10 बजे की है। विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बरहटा के कक्ष क्रमांक RF-47 में कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने पालतू कुत्तों की मदद से संरक्षित वन्य प्राणी चीतल का अवैध शिकार किया। जब इस बात की सूचना वन विभाग की मिली तो वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हो गए। फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार खोज अभियान जारी है।
इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को 2 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। वन विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा कि वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अवैध शिकार जैसी गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी वन्य जीव अपराध की जानकारी मिले, तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।








