बदहवास मां की पीड़ा दूर करने तत्काल सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस, दो घंटे से लापता मासूम भाई-बहन को खोज कर सकुशल परिवार तक पहुंचाया, बच्चों को देखें बिलख पड़ी माँ

बदहवास मां की पीड़ा दूर करने तत्काल सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस, दो घंटे से लापता मासूम भाई-बहन को खोज कर सकुशल परिवार तक पहुंचता, बच्चों को देखें बिलख पड़ी माँ

कटनी। अपने दोनों मासूम बच्चों के अचानक लापता हो जाने के कारण बदहवास मां की हालत देख कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण दो घंटे से लापता मासूम भाई-बहन सकुशल मिल गए। बच्चों के अचानक गायब होने से परिजनों में हड़कंप मच गया था और मां का रो-रोकर बुरा हाल था। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिवार ने कोतवाली पुलिस का आभार व्यक्त किया। दोनों बच्चों के सकुशल वापस लौटने पर पूछताछ में जो बात सामने आई उसने और भी अधिक हैरान कर दिया। बच्चों ने बताया कि वे मां-बाप से छिपकर घर से दूर एक खाली कमरे में मोबाइल में गेम खेल रहे थे। गेम खेलते खेलते वे सो गए थे। अपने दोनों जिगर के टुकड़ों को जब सुरक्षित अपने सामने देखा तो मां बिलख पड़ी और रुंधे हुए गले से पुलिस का आभार व्यक्त किया।
पुलिस के मुताबिक 28 मई 2026 को तिलक राष्ट्रीय स्कूल के पास महात्मा गांधी वार्ड निवासी राकेश सोनकर थाना कोतवाली पहुंचे और बताया कि उनका 8 वर्षीय पुत्र मोहित सोनकर एवं 6 वर्षीय पुत्री आलिया सोनकर घर के पास खेलते-खेलते लापता हो गए हैं। परिजनों ने मोहल्ले, बाजार और रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न स्थानों पर तलाश की, लेकिन बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर थाना प्रभारी राखी पाण्डेय ने तत्काल पुलिस टीम को सक्रिय किया। सहायक उपनिरीक्षक प्रहलाद पैकरा एवं पुलिस स्टाफ ने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तथा आसपास के लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जानकारी जुटाई। तलाश के दौरान घर के पास बने एक खाली कमरे में रखी सामान की रैक के पीछे दोनों बच्चे सोते हुए मिले। बच्चों को जगाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वे घर के पुराने मोबाइल में छिपकर गेम खेल रहे थे। खेलते-खेलते उन्हें नींद आ गई और वे वहीं सो गए थे। दोनों बच्चों के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस की तत्परता की सराहना की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक प्रहलाद पैकरा, प्रधान आरक्षक उमेश सिंह, आरक्षक दिनेश सेन, मोहन मंडलोई, अजीत सिंह, रोहित राठौर, महिला आरक्षक अनामिका तिवारी एवं एनआरएस निधि चौरसिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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Author: RashtraRakshak

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