नगर के दो अन्य खतरनाक भवनों के जर्जर हिस्से पर निगम प्रशासन ने की डिस्मेंटल कार्रवाई, मानसून पूर्व सुरक्षा व्यवस्था को किया जा रहा मजबूत
कटनी। निगमायुक्त तपस्या परिहार द्वारा नगर के जर्जर भवनों को लेकर की जा रही सतत समीक्षा एवं दिए जा रहे निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम प्रशासन द्वारा जर्जर एवं खतरनाक भवनों के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। निगमायुक्त सुश्री परिहार द्वारा सोमवार को समय-सीमा की बैठक में दिए गए निर्देश के पश्चात निगम प्रशासन ने मंगलवार को शहर के दो अत्यंत जर्जर भवनों के जर्जर हिस्से को डिस्मेंटल की कार्रवाई करते हुए संभावित हादसों को टालने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।
कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह एवं अतिक्रमण प्रभारी मानेन्द्र सिंह ने बताया कि मानसून के दौरान जर्जर भवनों के ढहने की आशंका को गंभीरता से लेते हुए निगम प्रशासन द्वारा चिन्हित भवनों का लगातार सर्वे कराया जा रहा है। इसी श्रृंखला में बी.डी अग्रवाल वार्ड एवं महारानी लक्ष्मी बाई स्थित दो भवनों के जर्जर हिस्से को डिस्मेंटल की कार्यवाही की गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए संबंधित क्षेत्रों में आमजन की आवाजाही नियंत्रित की गई तथा तकनीकी अमले की उपस्थिति में भवनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया गया। कार्यपालन यंत्री श्री सिंह ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए ऐसे भवन जो वर्षों से उपेक्षित जर्जर अवस्था में खड़े हैं या ऐसे भवन जिनका कुछ हिस्सा जर्जर अवस्था में है और कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने भवन स्वामियों से भी अपील की कि वे अपने पुराने एवं क्षतिग्रस्त भवनों की समय पर जांच कराएं तथा आवश्यक मरम्मत अथवा हटाने की कार्रवाई में निगम प्रशासन का सहयोग करें। नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने आसपास स्थित जर्जर एवं खतरनाक भवनों की जानकारी निगम को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनहानि एवं दुर्घटनाओं से बचाव सुनिश्चित किया जा सके। निगम का यह अभियान शहर को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं आपदा जोखिम से मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।








