5 माह के बाद कुठला पुलिस के हाथ आया शराब तस्कर, खुद को अखबार का रिपोर्टर बता कर करता था शराब की तस्करी
कटनी। शराब तस्करी के एक मामले में पिछले 5 माह से चकमा दे रहे तस्कर को कड़ी मशक्कत के बाद आज कुठला पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के उपरांत उसे जेल भेज दिया है। पकड़ा गया फरार आरोपी खुद को एक अखबार का रिपोर्टर बताते हुए क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी किया करता था।
आपको बता दें कि 30 अक्टूबर 2025 को कुठला पुलिस को रात्रि में भ्रमण के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि होण्डई कार क्रमांक MP20CE2982 में भारी मात्रा में अवैध शराब परिवहन की जा रही है। जिसकी सूचना पर उक्त कार की तलाश करने पर झाडियों के पास कन्हवारा जंगल में लावारिस हालत में कार मिली थी, जिसमें कोई व्यक्ति मौजूद नही था। तथा कार के अन्दर कुल 9 पेटी शराब कुल 81 लीटर लीटर कीमत 45000 रूपये व कार क्रमांक MP20CE2982 कीमत 5 लाख रुपये की जप्त कर धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही कर अज्ञात आरोपी की तलाश की जा रही थी। जांच कार्यवाही के दौरान आरोपी वाहन स्वामी ओम प्रकाश कुम्हार पिता घीसल उम्र 28 वर्ष निवासी कन्हवारा थाना कुठला को 13 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। सघन पूछताछ करने पर यह बात सामने आई की उक्त शराब राहुल अवस्थी पिता बाल्मीक अवस्थी निवासी ग्राम पिलौंजी की थी। आरोपी राहुल अवस्थी इसी बीच फरार हो गया था। आरोपी की गिरफ्तारी हेतु लगातार सम्भावित स्थानों पर दबिश दी जा रही थी, किन्तु आरोपी के न मिलने पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी राहुल अवस्थी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। आज 19 मार्च 2026 की दरम्यानी रात्रि में काम्बिंग गश्त के दौरान थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के नेतृत्व में टीम ने फरार आरोपी राहुल अवस्थी पिता बाल्मीक अवस्थी को घेराबन्दी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खुद को निडर आवाज समाचार पत्र का रिपोर्टर बताकर उसकी आड़ में क्षेत्र में शराब तस्करी करता था। आज आरोपी राहुल अवस्थी को माननीय न्यायालय पेश किया गया। जहाँ से आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए फरार आरोपी के खिलाफ पहले के भी आपराधिक रिकॉर्ड पाए गए हैं।
सम्पूर्ण कार्यवाही थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के नेतृत्व में की गई, जिसमें उप निरीक्षक सौरभ सोनी, सहायक उप निरीक्षक श्याम नारायण सिंह, तीरथ तेकाम, रवि शुक्ला, प्रधान आरक्षक विद्यानन्द मिश्रा, रामेश्वर सिंह, अजय यादव, शिवशंकर दुबे, महेन्द्र सिंह, आरक्षक हर्षुल मिश्रा, पुष्पेन्द्र त्रिपाठी, विजय प्रजापति, सतेन्द्र सिंह, अभय यादव एवं अन्य स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







