कटनी ने रचा इतिहास, समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड गेहूं खरीदी, किसानों की मेहनत को मिला सम्मान, जिले में पहली बार हुआ 1 लाख 98 हजार 501 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन
कटनी। मेहनतकश किसानों की अथक परिश्रम, अनुकूल कृषि प्रबंधन और जिला प्रशासन की सुव्यवस्थित खरीदी व्यवस्था के चलते इस वर्ष कटनी जिले ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का नया इतिहास रच दिया है। जिले में पहली बार रिकॉर्ड 1 लाख 98 हजार 501 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया, जो कटनी जिले के गेहूं उपार्जन के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 42.42 फीसदी अधिक खरीदी हुई। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर इस साल जिले में सबसे पहले लघु एवं सीमांत किसानों से गेहूं की खरीदी की गई। इसके बाद मध्यम और बड़े किसानों से खरीदी की गई। कलेक्टर श्री तिवारी के मार्गदर्शन और सतत मॉनिटरिंग में उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। खरीदी केन्द्रों में पारदर्शिता, त्वरित तौल, समय पर पंजीयन सत्यापन, बारदानों की उपलब्धता, पेयजल, छाया और बैठने जैसी सुविधाओं के कारण किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। यही वजह रही कि जिले के किसानों ने बड़ी संख्या में समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय किया।
सतत मॉनिटरिंग
कलेक्टर द्वारा जिले में गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की गई। उन्होंने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लाट बुक करा लिये थे, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी गई थी।
किसानों को हुआ 343 करोड़ से अधिक का भुगतान
किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 343.72 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। किसानों से इस वर्ष 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया है। गेहूँ उपार्जन हेतु इस वर्ष कुल 52 हजार 991 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया था। जबकि 37 हजार 76 किसानों द्वारा उपज की बिक्री की गई। वहीं कुल 41 हजार 78 स्लॉट बुक किये गये।
गेहूं उपार्जन में ढीमरखेड़ा रहा अग्रणी
जिले में समर्थन मूल्य पर हुए गेहूं उपार्जन के मामले में तहसील ढीमरखेड़ा अग्रणी रहा। यहाँ कुल 8,218 किसानों से 35,445 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया। जबकि दूसरे नंबर पर तहसील बहोरीबन्द में 5,288 किसानों से 32,774 मीट्रिक टन गेहूं समर्थन मूल्य पर उपार्जित किया गया।
इसी प्रकार विजयराघवगढ़ तहसील में 5,281 किसानों से 31,510 मीट्रिक टन गेहूं उपार्जित किया गया। जबकि स्लीमनाबाद तहसील में 3,833 कृषकों से 23,888 मीट्रिक टन गेहूं उपार्जित किया गया। रीठी तहसील में 3,825 किसानों से 22,780 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया। इसके अलावा कटनी व कटनी नगर तहसील में कुल 3,343 किसानों से 18,718 मीट्रिक टन और बरही तहसील में 3,192 किसानों से 17,261 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई। बड़वारा तहसील में 4,096 किसानों से 16,126 मीट्रिक टन खरीदी हुई है।
उपार्जन के समुचित प्रबंध
प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिये तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया गया। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिये पीने का पानी, बैठने के छायांदार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई थी। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों की उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं।







