खिरहनी चौकी क्षेत्र में दिनदहाड़े लूट, पैर छूकर वृद्ध इंजीनियर से बाइक सवार ने की लूट, एफआईआर की जगह आवेदन की औपचारिकता
कटनी। शहर में गत शनिवार की शाम एक हैरान करने वाली लूट की वारदात सामने आई। बड़े ही नाटकीय अंदाज में जबलपुर निवासी सिविल इंजीनियर 65 वर्षीय राजेंद्र कुमार निगम के साथ अज्ञात युवक ने चालाकी और जोर-जबरदस्ती से करीब 12 हजार 5 सौ रुपए लूट लिए और फरार हो गया। यह घटना 21 मार्च की शाम करीब साढ़े 6 बजे घटित हुई। यह घटना माईनदी पुल के पास बीकानेर मिष्ठान भंडार के सामने अग्रहरि पान ठेले के पास की बताई जा रही है। पीड़ित अपने परिजनों के साथ बड़वारा के पास रोहनिया जा रहे थे और रास्ते में नाश्ता व मिठाई लेने के लिए रुके थे।
पैर छूकर बनाया भरोसा फिर की लूट
जानकारी के अनुसार, एक युवक पहले से ब्लैक पल्सर बाइक चालू हालत में खड़ी कर वहां मौजूद था। उसने पीड़ित के पास आकर कहा मैं आपको जानता हूं, आप मेरे घर आइए और पैर छूने लगा। इसके बाद उसने गले मिलने का नाटक करते हुए पीड़ित की जेब टटोलनी शुरू कर दी। जब तक पीड़ित कुछ समझ पाता, आरोपी ने हाथापाई करते हुए उनके ट्राउजर की दाहिनी जेब से 500-500 रुपए के 24 नोट समेत कुल 12,500 रुपए निकाल लिए और बाइक से कटनी शहर की ओर फरार हो गया।
सीसीटीवी में वारदात कैद
घटना स्थल के सामने स्थित दुकान से परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज देखा, जिसमें पूरी वारदात कैद मिली। इसके बाद डायल 112 पर सूचना दी गई, लेकिन आरोप है कि पुलिस मौके पर समय पर नहीं पहुंची।
पीड़ित वृद्ध ने एसपी से लगाई गुहार
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक सहित उच्च अधिकारियों से मांग की है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लूटी गई राशि वापस दिलाई जाए और इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस तत्काल सक्रियता दिखाते हुए आसपास की दुकानों के फुटेज खंगालती, तो आरोपी को तुरंत पकड़ा जा सकता था।
आवेदन की खानापूर्ति
पीड़ित परिवार जब शिकायत दर्ज कराने खिरहनी चौकी पहुंचा, तो वहां एफआईआर दर्ज नहीं की गई। मौजूद स्टाफ ने सिर्फ सादे कागज पर आवेदन लेकर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए औपचारिकता पूरी कर ली। यहां तक कि सीसीटीवी फुटेज लेने की भी कोई पावती नहीं दी गई। पुलिस की ऐसी लापरवाही अपराधियों के लिए वरदान साबित हो सकती है। दिनदहाड़े जहां एक तरफ अपराधी वारदात को अंजाम देकर बड़े आराम से रफू चक्कर हो रहे हैं वहीं पुलिस कार्यवाही करने के बजाय औपचारिकता निभाते हुए अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रही है।








