जिले में पर्यावरण-संरक्षण के संदेश के साथ मनेगी होली, कलेक्टर श्री तिवारी ने गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन का किया आग्रह, जिलेवासियों को दी होली की शुभकामनाएं
कटनी। कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिले के नागरिकों को होली की शुभकामना और बधाई देते हुए कहा है कि, प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सामाजिक एकता और उल्लास के साथ होली पर्व को पर्यावरण-संरक्षण और सामाजिक सद्भाव के संदेश के साथ मनायें। कलेक्टर ने होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर गो-काष्ठ (उपलों) का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि आपसी प्रेम, स्नेह और भाईचारे का प्रतीक यह रंगोत्सव आप सभी के जीवन में खुशियों का हर रंग लेकर आए।
कलेक्टर श्री तिवारी ने लोगों से होली का पर्व उत्साहपूर्वक मनाने का आग्रह करते हुए कहा है, कि होलिका दहन में परंपरा, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए हम गोबर के कंडों की होलिका जलाएं। होलिका दहन में लकड़ियों का उपयोग उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वृक्ष से हमारी संस्कृति जुड़ी हुई है। इनका संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही कंडों की होली जलाकर लकड़ी बचाने के साथ ही पर्यावरण में खतरनाक गैस घुलने से भी रोका जा सकता है। कंडों की होली जलाकर हम पर्यावरण संरक्षण में बहुत बड़ा योगदान कर सकते हैं। नगरीय निकायों एवं पंचायत राज संस्थाओं को इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बनने के निर्देश दिए गये हैं। होलिका दहन के दिन मैदानी अमला सार्वजनिक आयोजनों का निरीक्षण कर लकड़ी के स्थान पर गो-काष्ठ के उपयोग को प्रोत्साहित करेगा। कलेक्टर ने लोगों से अपील की है, कि प्लास्टिक की टूटीं वस्तुएं, टायर, लकड़ियां आदि होलिका में नहीं जलाएं। यह पर्यावरण और इंसानी स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। इसके कारण हवा में हानिकारक पार्टीकुलेट मैटर की मात्रा बढ़ जाती है। हवा में मौजूद ऐसे कारण श्वांस के जरिए इंसानों के शरीर में पहुंचकर सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं।
विद्युत लाइन व ट्रांसफार्मरों से दूर जलायें होली
कलेक्टर श्री तिवारी ने कटनीवासियों से अपील की है, कि वे होलिका दहन बिजली तारों ट्रांसफार्मर और पोल से दूर करें ताकि किसी प्रकार का कोई हादसा ना हो। तारों के नीचे होली दहन से तार पिघल सकते हैं। विद्युत लाइन को नुकसान हो सकता है और तार टूट सकते हैं ऐसे में कोई अनहोनी ,दुर्घटना हो सकती है। इसलिए सावधान और सतर्क रहें, परिवार और आस-पड़ोस के लोगों के साथ त्यौहार की खुशियां मनायें और खुशियों को साझा करें।
शहर को रखें साफ और स्वच्छ
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा है, कि रंगों के इस त्यौहार पर नागरिक पर्यावरण का भी ध्यान रखें तथा हर्बल कलर का इस्तेमाल करें। साथ ही कटनी शहर सहित कैमोर, बरही व विजयराघवगढ़ के नगरीय निकाय क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने का संदेश एक दूसरे को देने का आग्रह यहां के नागरिकों से किया है। साथ ही कोई भी ऐसा कार्य नहीं करें,जिससे दूसरों को कष्ट हो, अपने भाव, भावनाओं और आचरण से पर्व की गौरवशाली परंपरा को सशक्त करें। ताकि सभी जिलेवासियों के जीवन में खुशियों के रंग बिखरे और जिला विकास के सतरंगी रंगों से नई ऊंचाइयां छुए।
प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों से होली खेलने, जल संरक्षण करने तथा पशु-पक्षियों पर रंग न डालने के संकल्प के साथ उत्सव मनाने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया जा रहा है।जिले में विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाले सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों का निःशुल्क पंजीयन किया जाएगा। यह पंजीयन जिला मुख्यालय, तहसील, नगरीय निकाय एवं पंचायत स्तर पर किया जाएगा। पंजीयन के दौरान आयोजक संस्था की संक्षिप्त जानकारी, पदाधिकारियों के नाम एवं संपर्क विवरण प्राप्त किए जाएंगे। जिन आयोजनों में पूर्ण रूप से गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन किया जाएगा, उनको संबंधित अधिकारी द्वारा प्रमाणित कर कलेक्टर को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
सम्मानित होंगी संस्थाएं
उत्कृष्ट गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन करने वाली संस्थाओं एवं उनके पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी संस्थाओं को अन्य प्रकार से प्रोत्साहन अथवा सहयोग दिए जाने पर भी प्राथमिकता दी जाएगी।








