महज कागजी खाना पूर्ति नहीं, निर्माण और विकास कार्यों की भौतिक पूर्णता पूरी गुणवत्ता के साथ सर्वोच्च प्राथमिकता से कराएं – सीईओ

महज कागजी खाना पूर्ति नहीं, निर्माण और विकास कार्यों की भौतिक पूर्णता पूरी गुणवत्ता के साथ सर्वोच्च प्राथमिकता से कराएं – सीईओ

कटनी। जल गंगा संवर्धन अभियान एवं ग्रीष्म काल में नागरिकों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता माननीय मुख्यमंत्री जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसे अत्यंत संवेदनशीलता एवं गंभीरता से लेते हुए पूरी गुणवत्ता के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गत वर्षों के स्वीकृत, प्रगतिरत  अपूर्ण कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराएं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत, ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित एवं हस्तांतरण योग्य योजनाओं, परियोजनाओं को तकनीकी मानकों एवं बारीकियों का ध्यान रखते हुए दुरुस्त कराएं। इन कार्यों में महज कागजी खाना पूर्ति नहीं बल्कि निर्माण एवं विकास कार्यों की भौतिक पूर्णता उच्च गुणवत्ता के साथ तत्परता पूर्वक कराया जाना सुनिश्चित करें। इस आशय के निर्देश जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने मंगलवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में जनपद पंचायतों के सीईओ और तकनीकी अधिकारियों को दिए। सुश्री कौर ने दो टूक सख़्त लहजे में कहा कि लक्ष्य के अनुरूप नियत समय सीमा में प्रगतिरत एवं अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने में कोताही और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह में संतोषजनक कार्य पूर्णता,लेबर बजट, ई केवाईसी आदि अन्य सभी कार्यों में प्रगति परिलक्षित नहीं होती है तो सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें। समीक्षा करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों और गतिविधियों के फोटोग्राफ्स जल संचय एवं जन भागीदारी पोर्टल में अनिवार्य रूप से प्रतिदिन करें। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने जनपद पंचायत और सेक्टर वार मनरेगा योजना के अंतर्गत जल गंगा संवर्धन अभियान एवं विभिन्न योजनाओं से प्रगतिरत अपूर्ण कार्यों डग वेल, रिचार्ज पिट, चेक डैम, कंटूर ट्रच, गेवियन अमृत सरोवर, तालाबों और अन्य कार्यों की विस्तार से गहन सूक्ष्म समीक्षा की। जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों की समीक्षा करते हुए जनपद पंचायत बड़वारा की प्रगति समाधान कारक नहीं पाए जाने पर उपयंत्री डीएस बघेल और पूजा नागर को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कार्यों में प्रगति लाने को कहा।

सुदूर सड़कों के चयन में निर्धारित पैरामीटर का रखें ध्यान

समीक्षा करते हुए जिला पंचायत की सीईओ ने कहा कि सुदूर सड़कों को प्रस्तावित और चयन करते समय राज्य शासन द्वारा निर्धारित पैरामीटर का विशेष ध्यान रखें।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सुश्री कौर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपूर्ण आंगनबाड़ी भवनों की सघन निगरानी करते हुए पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय तथा जलवायु परिवर्तन को दृष्टिगत रखते हुए बारिश के पानी की एक एक बूंद को सहेजने और संरक्षित करने शासकीय भवनों जैसे सामुदायिक भवन, ग्राम पंचायत भवन एवं अन्य भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आवश्यक रूप से बनाएं। जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। पीएचई और जनपद पंचायतों के सीईओ समन्वय स्थापित कर पेयजल संबंधी समस्याओं का समाधान तत्परता पूर्वक करें ताकि आमजन को पेयजल की समस्या से निजात मिल सके।

इनकी भी हुई समीक्षा

इस दौरान जिला पंचायत की  सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के अंतर्गत अधिकारियों द्वारा शालाओं का निरीक्षण, विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को मेन्यू के अनुसार स्वादिष्ट गरम मध्यान्ह भोजन की समय पर उपलब्धता, किचन शेड में साफ सफाई और आवश्यक जानकारी का लेखन कार्य एवं बर्तन क्रय की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा कराने हेतु सभी जनपद पंचायतों के बीआरसी को निर्देशित किया। समीक्षा बैठक में एनआरएलएम, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटरशेड), पंचायत निर्माण 15वां वित्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की विस्तार से समीक्षा हुई।

इनकी रही मौजूदगी

समीक्षा बैठक में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से प्रभारी कार्यपालन यंत्री जितेंद्र गुप्ता,  पवनसुत गुप्ता, वनश्री कुर्वेती , प्रतिभा पांडे, परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, ऋषि राज चढ़ार, सहायक परियोजना अधिकारी मृगेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी योगेंद्र कुमार असाटी, स्टेनो उमेश सोनी समस्त जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, एएओ और अन्य अधिकारियों कर्मचारियों की मजदूरी की रही।

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Author: RashtraRakshak

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