स्कूलों में ही बनेंगे और अपडेट होंगे आधार कार्ड, अन्य योजनाओं के लाभार्थी भी आधार कैंपों में करा सकेंगे आधार अपडेट, कलेक्टर ने जारी किया फरमान
कटनी। जिले के स्कूलों में कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर आधार कैंप लगाकर विद्यार्थियों को आधार से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ताकि उन्हें नामांकन और अपडेट के लिए अलग से कहीं जाने की आवश्यकता न पड़े। इसलिए विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर ही आधार से संबंधित सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर इसके लिए प्रत्येक विकासखण्ड के चिन्हित स्कूलों में 6 अप्रैल से 22 अप्रैल के बीच आधार कैंपों के आयोजन के लिए पृथक -पृथक तिथियां तय की गई हैं। इन कैंपों में छात्रों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अद्यतन न होने के कारण ई-केवाईसी से वंचित आवेदकों का भी आधार अद्यतन कराने का दायित्व संबंधित रोजगार सहायक, पंचायत सचिव और पटवारी को सौंपा गया है। इसके लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण( यूआईडीएआई)द्वारा अपडेशन के लिए निर्धारित शुल्क संबंधित से लिया जायेगा।
शालाओं के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वे यूडीआईएसई-प्लस पोर्टल से उन विद्यार्थियों की सूची अद्यतन कर लें जिनके आधार में एमबीयू पेंडिंग हैं। ऐसे विद्यार्थियों को आधार अपडेट कराने के लिये जागरूक किया जाए और उन्हें आधार कैंपों में बुलाया जाये। ताकि आधार अपडेट किया जा सके।
कलेक्टर श्री तिवारी की यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पर केंद्रित है। जिसमें उनके आधार में उंगलियों के निशान, आइरिस स्केन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है। पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। दूसरा एमबीयू तब आवश्यक है जब बच्चा 15 वर्ष का हो जाए। दूसरा एमबीयू 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निःशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होता है। अपडेटेड बायोमेट्रिक्स वाला आधार कार्ड, स्कूल प्रवेश, प्रवेश परीक्षा, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसीलिए कलेक्टर ने जिले में समयबद्ध तरीके से विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत अपार आईडी (अपार आईडी) बनाने के निर्देश दिये हैं।अपार आईडी विद्यार्थियों को उनके सभी शैक्षणिक क्रेडिट, जैसे स्कोर कार्ड, मार्कशीट, ग्रेड शीट, डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और सह-पाठ्यचर्या संबंधी उपलब्धियों को डिजिटल रूप से संग्रहित, प्रबंधित और एक्सेस करने में मदद करती है। यह आईडी शिक्षा जगत में छात्र के लिए एक स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करती है। अपार आईडी के लिए महत्वपूर्ण है कि स्कूलों द्वारा अपार आईडी बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले यूडीआईएसई-प्लस पोर्टल में दर्ज छात्र का नाम, आधार कार्ड में दर्ज नाम से मेल खाना चाहिए। स्कूल एडमीशन, प्रवेश परीक्षा, स्कॉलरशिप और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रोग्राम जैसी सर्विस पाने के लिए स्टूडेंट के पास मौजूदा बायोमेट्रिक्स वाला आधार होना ज़रूरी है। स्टूडेंट्स के लिए सबसे नए बायोमेट्रिक्स वाला अपडेटेड आधार भी ज़रूरी है, क्योंकि एनटीए, यूपीएससी, जेईई, एनईईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म जमा करने और परीक्षा केन्द्रों में आगे एंट्री के लिए मोबाइल नंबर से जुड़ी आधार विवरण आवश्यक होता है। अपडेटेड आधार से स्टूडेंट की अपार आईडी भी आसानी से बन जाती है।








