रूपनाथ धाम में गंगा दशमी पर आयोजित हुआ जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम, मुख्य अतिथि राज्य मंत्री श्री लोधी ने श्रमदान कर दिया जल संरक्षण का संदेश

रूपनाथ धाम में गंगा दशमी पर आयोजित हुआ जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम, मुख्य अतिथि राज्य मंत्री श्री लोधी ने श्रमदान कर दिया जल संरक्षण का संदेश

कटनी। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंगा दशमी पर्व पर विकासखंड बहोरीबंद के प्रसिद्ध रूपनाथ धाम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम के लिए राज्य शासन द्वारा घोषित मुख्य अतिथि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने सोमवार को रूपनाथ धाम कुंड की साफ-सफाई कार्य में श्रमदान कर जिलेवासियों को जल संरचनायें सहेजने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता मेहरा, कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, सहायक कलेक्टर श्लोक वाईकर, एसडीएम बहोरीबंद प्रदीप कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और गणमान्य जन मौजूद रहे।
राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर शुरू हुए “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत जन सहयोग से जल संरक्षण के नए-नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सबका कर्तव्य है की रुपनाथ धाम के पवित्र व पौराणिक एवं धार्मिक महत्व के कुंडों की सफाई होने से साफ़ और स्वच्छ जल का भराव होगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करना हमारा परम कर्तव्य है।
जल गंगा संवर्धन अभियान आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने का संकल्प
कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की हैसियत से संबोधित करते हुए राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान आने वाली पीढ़ी के लिए जल को सुरक्षित रखने का संकल्प है। उन्होंने अपने उद्बोधन के माध्यम से उपस्थित नागरिकों से अभियान को जन अभियान का स्वरूप प्रदान करने का आग्रह भी किया। उन्होंने तेजी से गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भावी पीढ़ी के लिए पानी बचाने जल संरचनाओं का संरक्षण एवं संवर्धन आवश्यक है।
इस मौके पर कलेक्‍टर आशीष तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि साफ-सफाई के साथ-साथ जल स्‍त्रोतों के पूजा करने की परंपरा रही है। उन्‍होंने जल संरचनाओं के संवर्धन एवं मरम्‍मत व प्रचार हेतु लोगों से श्रमदान करने का आग्रह किया। वहीं जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की विस्तार से जानकारी प्रदान की।
कृतज्ञता का पर्व है गंगा दशहरा
गंगा दशहरा या गंगावतरण ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार है। इस दिन को गंगा दशहरा, गंगा दशमी या दशहरा के नाम से जाना जाता है। यह पर्व गंगा नदी के पृथ्वी पर अवतरण की स्मृति में मनाया जाता है। दरअसल, गंगा दशहरा जल के प्रति कृतज्ञता का पर्व है। गंगा यानी पवित्र-साफ जल के इसी महत्व को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल संरक्षण को एक राष्ट्रीय जन आंदोलन का रूप दिया है। इसके पूर्व राज्य मंत्री श्री लोधी ने भगवान रूपनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना किया।

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Author: RashtraRakshak

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